पत्रिका के अनुभाग1

पत्रिका के अनुभाग: जनवरी – मार्च २०१३ (अंक २, वर्ष २)

अम्स्टेल गंगा के इस फुलवारी में आपका स्वागत है |
रंग बिरंगे फूलों की इस बगीया में विचरण करे और हमें अपनी प्रतिक्रियाओं से अवगत करायें|

सम्पादक मंडल
अम्स्टेल गंगा

हिंदी साहित्य:::

काव्य साहित्य::

कविता:

अनुभाग-नया साल

बीत गया एक और बरस – शशि पाधा

नव वर्ष - रचना श्रीवास्तव

अनुभाग-जीवन के रंग

भावनाओं से शू्न्य - डॉ० भावना कुँअर

मुहब्बत :एक अहसास ,कई भाव - कविता विकास

ज़िन्दगी - पूजा भाटिया ‘प्रीत”

जाने क्यों - स्वर्ण ज्योति

अभावों की साइकिल - पंकज भाटिया ‘कमल’

लम्हे – विक्रम प्रताप सिंह

अनुभाग – रंग बिरंगे अहसास

 हर की पौड़ी से - संजय अलंग

काशी बनती साखी - मनोज कृष्ण

फ़र्क पड़ना - सरस दरबारी

कोई हर्ज़ नहीं - डॉ अनुज कुमार

पतवार थाम ली – माधवी सिंह

कौन है वो - रोहित सिन्हा

एक ऐसी बंदगी दे – अमित कुमार

 हाइकु: – अनन्त आलोक

 क्षणिकायें: – हरकीरत ‘हीर ‘

 

  लेख::

अपराधी कौन ? मैकाले या हम ? - डॉ. रवीन्द्र अग्निहोत्री

भारत की विडम्बना - अमित सिंह

व्यंग्य::

हुए लेखक बनके हम जो रुसवा – डॉ. प्रेम जनमेजय

इक्कीसवीं सदी का अंतिम दौर - गिरीश पंकज

 

पति या कुत्ता – नीरज त्रिपाठी

 

लघुकथा::

काली जिह्वा और कुत्सित मानसिकता – डॉ. नरेन्द्र कोहली

खरोंच - विवेक मिश्र

 

आँगन की चिड़िया – राजुल अशोक

मरते-मरते लखपति बना गयी – गोवर्धन यादव

 

कहानी::

आवारा कुत्ते - सुमन सारस्वत

चिर पराई - कादंबरी मेहरा

धत, दकियानूस नहीं हूँ - डॉ मनोज श्रीवास्तव

जाने और लौट आने के बीच - विकेश निझावन

सपूत - रीता कश्यप

स्त्री मुक्ति का यूटोपिया - डॉ  स्वाति तिवारी

 

भोजपुरी हिंदी साहित्य:::

 

अबकी आवे अइसन नयका साल – मनोज भावुक

अगरॆज‌ बिलार‌ – अमित कुमार सिंह

 

साहित्यिक समाचार:::

 

‘मादा’ पर परिचर्चा

मनोज भावुक अंजन टीवी से जुड़े

‘हिन्दी चेतना’ के संस्थापक एवं मुख्य संपादक श्री श्याम त्रिपाठी को सरस्वती सम्मान

मनोज भावुक का सेल्यूलाइड की दुनिया में प्रवेश

  

कला दीर्घा:::

 

गौतम बुद्ध - ऋतु श्रीवास्तव सिन्हा

सूर्योदय – अनुश्री

जीवन के रंग - स्वाति सिंह देव

भय – अमित कुमार सिंह

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