ग़ज़ल – सविता वर्मा

सोये हो या जागे हो बतलाओ ।
क्यों बोलो खुद से यूँ भागते हो।।
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करवट बदलना बार बार कैसा सोना।
आँखे करके बन्द हमे जतलाते हो।।
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क्यों इतना गरूर किस बात का।
खवाबों में आकर तड़पाते हो।।
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रात रानी सी जब महकुंगी
चहकूँगी।
कैसे हमसे फिर जान छुड़ाते हो।।
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ये कजरा बिंदिया होठो की लाली।
देख इन्हे क्यों बोलो घबराते हो।।
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खनखन चूड़ी की पायल की
छन छन।
समझ इशारे पास नही क्यों आते हो।।
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सुरमई साँझ पुकारे कब से हरजाई।
नखरे काहे तुम इतना दिखलाते हो।।
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जाउंगी ना मन से तुम्हारे जान लो ये।
जीते जी जो हमसे तुम कतराते हो।।
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क्या रखा है छोडो झूठे बहाने अब।
बाँहो क्यों हार नही पहनाते हो।।
******
दो दिन है जिन्दगानी जानते हो।
क्यों झगड़ो में व्यर्थ ही ऐसे गंवाते हो।।

 

- सविता वर्मा


जन्म- १ जुलाई

पति- श्री कृष्ण गोपाल वर्मा।

जन्म स्थान- कस्बा छपार , मुज़फ्फर नगर (उप)

शिक्षा- आई.टी,ई, कहानी-लेखन डिप्लोमा ।

प्रकाशन+प्रसारण- क्षेत्रीय , अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओ में ,आकाशवाणी से ।

लेखन विधा- कविता,कहानी,गीत,बाल साहित्य,नाटक,लघु कथा, ग़ज़ल,वार्ता, पिरामिड, हाइकु,आदि ।।

सम्पादकीय- एहसास( ग़ज़ल संग्रह), समर्पण 5 ( काव्य संग्रह), काव्य शाला(काव्य संग्रह), अमीबा(मासिक पत्रिका), कस्तुरी कंचन( काव्य संग्रह), श्रोता सरगम(वार्षिक पत्रिका)

पुरस्कार,सम्मान- वीरांगना सावित्री बाई फुले फैलोशिप सम्मान-2003 देहली।
* महाशक्ति सिद्धपीठ शुक्रताल सम्मान-2004।
*लघु कथा पुरस्कार सामाजिक आक्रोश -2005 सहारनपुर।
*शारदा साहित्य संस्था जोगीवाला राजस्थान द्वारा हिंदी साहित्य सम्मान-2004 ।
*भारती ज्योति मानद उपाधि -2007 इलाहाबाद ।
*नेशनल फेडरेशन ऑफ ब्लाइंड देहली द्वारा समाज सेवा हेतु -2008 ।
*भारती भूषण सम्मान-2008 इलाहाबाद ।
*विनर ऑफ़ रेडियो क्विज़ ” दिल से दिल तक ” 20012 ।
*कहानी पुरस्कृत -2014 अम्बाला छावनी।
*गुगनराम एजुकेशन एन्ड सोशल वेल्फेयर सोसायटी बोहल द्वारा पुस्तक “पीड़ा अंतर्मन की” पुरस्कृत -2014 ।
*आगमन एक खूबसूरत प्रयास द्वारा सम्मान-2014 ।
*उत्कृष्ट साहित्य एवम् काव्य भूषण सम्मान-2015 खतौली।
*नगर पालिका मुज़फ्फर नगर द्वारा सम्मान-2015 ।
* पद्मभूषण डॉ विन्देश्वर पाठक जी द्वारा साहित्य सेवा सम्मान – 2015 ।

सामाजिक संस्था “प्रयत्न” द्वारा “नारी शक्ति रत्न” सम्मान 2015 ।
“आगमन साहित्यिक एवम् सांस्कृतिक संस्था द्वारा “विशिष्ठ अतिथि सम्मान” 2015 ।

विशेष—नारी सशक्तिकरण पर बनी फ़िल्म “शक्ति हूँ मैं” में अहम भूमिका।

*पुस्तक- “पीड़ा अंतर्मन की” प्रकाशन-2012।
*संपादन- काव्य शाला (काव्य सन्ग्रह),

“आगमन एक खूबसूरत अहसास ” त्रैमासिक पत्रिका।
अहसास (ग़ज़ल संग्रह) ,समर्पण-5(काव्य संग्रह)।
“श्रोता सरगम” वार्षिक पत्रिका।
“अमीबा” मासिक पत्रिका ।
सम्बन्ध- उपाध्यक्ष”आगमन साहित्यिक एवम् सांस्कृतिक संस्था ।
“प्रयत्न” संस्था सदस्य

“अखिल भारतीय कवियित्री सम्मेलन एवम् अनेक काव्य संस्थओं की आजीवन सदस्या ।

सम्पर्क- मुज़फ्फर नगर (उप)

 

One thought on “ग़ज़ल – सविता वर्मा

  1. सविता जी की ग़ज़ल पढ़ कर एक स्त्री के मन के भावों का सुन्दर चित्रण मिला हार्दिक बधाई .

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