विस्मृति

 

“मैं याद आती  हूँ तुम्हें ?’

“बहुत|”

“और तुम मुझे याद करती हो कभी  …?”

जवाब में उसने अपनी नजरें जमीन की ओर कर ली |

कालेज की अल्मिनाइमीट में मिले खुशबू ओर आदित्य अपने पुराने दिनों की  यादें ताजा करने केम्पस की एक बेंच पर जा बैठे |

“तुमने जवाब नही दिया खुश , अब भी याद करती हो  मुझे ?”

“कुछ यादें भुलाने के लिए नहीं होती आदि |”

“काश ! तुम छह महीने इंतजार कर लेती, मैं सेटल हो जाता तो मांग लेता तुम्हें तुम्हारे  मम्मी डैडी से |”

“अब इन बातों से क्या लाभ आदि |”

“पहला प्यार हो तुम मेरा, खुश कोई कैसे भुला सकता है अपनी चाहत को ?”

“दिल से निकाल दो इस चाहत को आदि , अब मेरी और तुम्हारी राहें अलग हो चुकी हैं |”

” कोशिश तो करता हूँ मगर हमेशा यही ख्याल आता है कि  हम साथ होते तो जिन्दगी कितनी खुबसूरत होती | काश ! कि आसान होता निकल पाना उन यादों से |”

“निकल पाओगे आदि , अगर मेरी तरह सोचोगे |”

“तुम्हारी तरह …मैं समझा नहीं !”

“हाँ आदि ! मेरी तरह सोचो कि हम साथ हैं , हमारा एक परिवार है , बच्चे हैं जिनके पीछे हमारी रोज खिट- पिट हो रही है | हमारी अपनी – अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं जिसने हमारे बीच अहंकार की मोटी दीवार खड़ी कर दी है | तुम और  मैं दोनों दफ्तर से थके- हारे घर लौट रहे हैं , हमारे सामने  अधूरी जिम्मेदारियां मुंह बाये खडी हैं , मैं तुम्हें दोषी ठहराती हूँ , तुम मुझ पर इल्जाम लगाते हो | इस दोषारोपण के  बोझ तले हमारा प्यार कहीं भीतर दफन हो कर  रह गया है और  तकरार के कई केक्ट्स हमारे आस- पास उग आये हैं | ऐसे में हम सोच रहे हैं काश ! हम न मिले होते …,तो भुलाना आसन हो जायेगा आदि |”

कहते हुए खुश उठ खड़ी हुई |

 

 

 - डॉ लता अग्रवाल

 

शिक्षा  – एम  ए  अर्थशास्त्र. एम  ए  हिन्दी, एम एड. पी एच डी  हिन्दी.

प्रकाशन – शिक्षा. एवं साहित्य की विभिन्न विधाओं में अनेक पुस्तकों  का  प्रकाशन| पिछले 9 वर्षों से आकाशवाणी एवं दूरदर्शन   पर  संचालन, कहानी तथा कविताओं का प्रसारण  पिछले 22 वर्षों से निजी महाविद्यालय में प्राध्यापक एवं प्राचार्य का कार्यानुभव ।

 

सम्मान

 १. अंतराष्ट्रीय सम्मान

 Ø  प्रथम पुस्तक ‘मैं बरगद’ का ‘गोल्डन बुक ऑफ़ वार्ड रिकार्ड’ में चयन

 Ø  विश्वमैत्रीमंचद्वाराराधाअवधेशस्मृतिसम्मान |

 Ø  ” साहित्य रत्न” मॉरीशस हिंदी साहित्य अकादमी ।

 

. राष्ट्रीयसम्मान -
 साहित्यगौरवसम्मान,स्वतंत्रतासेनानीओंकारलालशास्त्रीपुरस्कार , राष्ट्रीयशब्द्निष्ठासम्मान , महाराजकृष्णजैनस्मृतिसम्मान ,श्रीमतीसुषमातिवारीसम्मानप्रेमचंदसाहित्यसम्मान, श्रीमती सुशीला देवी भार्गव सम्मान , कमलेश्वर स्मृति कथा सम्मान, श्रीमती सुमन चतुर्वेदी श्रेष्ठ साधना सम्मान ,श्रीमती मथुरा देवी सम्मान , सन्त बलि शोध संस्थान ,तुलसी सम्मान ,डा उमा  गौतम  सम्मान , कौशल्या गांधी पुरस्कार, विवेकानंद सम्मान , शिक्षा रश्मि सम्मान,अग्रवाल महासभा प्रतिभा सम्मान, “माहेश्वरी सम्मान ,सारस्वत सम्मान ,स्वर्ण पदक राष्ट्रीय समता मंच दिल्ली,मनस्वी सम्मान , अन्य कई सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र।

 

निवास - नरेला  शन्करी . भोपाल 

 

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