मैं कवि हो गया

मैं कवि हो गया ——-
बच्चो की भूख में , गरीबी के रूप में
माँ के फटे आंचल में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———
प्रेमिका के प्रेम में , रूप और श्रृंगार में
यादों के परिवार में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ————-
राहों की धूल में , खिलते हुए फूल में
पावों के चुभते शूल में, जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———–
मन्दिर की टन टन में , मस्जिद की हलचल में
गिरजा की शान्ति में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———-
धरती की प्यास में , मेघों की मलहार में
अश्को की फुहार में , जब भी मैं खो गया
बस मै कवि हो गया ———-
सूरज की ललकार में , रात की झनकार में
डर से बुरे हाल में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———-
जंगो की तलवार में ,प्रेम के व्यापार में
घरो की लगी दीवार में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ————-
राजनीति की अडचनें ,महगें होते गुड चने
टूटे दिलो की धडकनों में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———–
दोस्तों  की  भीड  में , बढती  हुई  पीर में
नारी के खीचते चीर में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ————-
‘‘सागर’’ की गहराई में , पर्वत की उंचाई में
पेडो की परछाई में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ————–
कोयल की कूक में , बगुले की मूक में
विरह की धूप में, जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया —————
बापू की आवाज में , बच्चो की किलकार में
वीबी के प्यार में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———–
ढोलक की थाप में , बात करूं साफ मैं
बैठा हुआ आप में , जब भी मैं खो गया
बस मैं कवि हो गया ———!!
 

- डॉ नरेश कुमार ‘‘सागर’’


षिक्षा - स्नातक , वी0ए0एम0एस0
व्यवसाय - आप्टीषियन
जन्म स्थान - ग्राम – भटौना, जिला – बुलन्दषहर – उ0प्र0!

गतिविधयां -  मंडल प्रभारी – आगमन साहित्य संस्था , संवाददाता – फारर्वड प्रेस,नई दिल्ली, मंत्री – काव्यद्वीप , अतिथि संपादक – इक्कीसवी सदी के श्रेश्ठ रचनाकार – दिल्ली, पूर्वसहसम्पादक – गौरव विचार पत्रिका,  सहसंपादक – फोर्स मिषन , प्रदेष सचिव – पत्रकार वालफेयर एसोसिएसन, उ0प्र0,  जिला सचिव – आल प्रेस एण्ड राईटर्स एसोसियषन , लखनउं, मुख्य सलाहकार- पंचषील भारत, राश्टीय कोशाध्यक्ष – जन जागृति विकाष संस्था , अखिल भारतीय साहित्य परिशद – सदस्य , क्षेत्रीय व राश्टीय  कवि सम्मेलनो में मंचासीन, अभिनय व मंच संचालन, क्षेत्र पंचायत सदस्य आदि ! 

उपलब्धियां - डा अम्बेडकर फैलोसिप  से सम्मानित- नई दिल्ली, मानव मित्र सम्मान दो बार ‘‘पूर्व राज्यपाल श्री माता प्रसाद जी द्वारा‘‘,  अमिताभ खण्डेलवाल स्मृति पुरस्कार- मुजफ्फरनगर , अमन सिंह आत्रेय पुरस्कार- मेरठ , संस्कार भारती पुरस्कार , षषी – सुशमा स्मृति पुरस्कार , गंगा – जमुनी पुरस्कार , संत गंगादास पुरस्कार ,व अन्य साहित्यक , सामाजिक व राजनैतिक पुरस्कारो से सम्मानित ! 

प्रकाषय - चेतना हिन्दी – यू0एस0ए0, गजाला , सरस सलिल , कुसुम परख ,फारर्वड प्रेस ,हाषिये की आवाज,  वंचित जनता, हम दलित, बयान ,बहुजन भूमि, मूल नायक, दलित प्रहरी ,सारर्प रिपोर्टर , अभिनव , अमर उजाला , दैनिक जागरण , गौरव विचार ,  आदि पत्रिकाओं में काव्य संकलन – -इस मौसम से उस मौसम तक , गुफतगू , षब्द प्रवाह – गजल संग्रह , काव्यषाला , युवा रचनाकार संगम , इक्कसवी सदी के श्रेश्ठ रचनाकार , काव्यद्वीप भाग एक व दो, आदि राश्टीय व अन्तराश्टीय पत्र – पत्रिकाओं में प्रकाषित लेख , पत्र, कहानियां, गीत – गजल, निबन्ध आदि !

अभिरूची - साहित्य लेखन , स्वतंत्र पत्रकारिता , अभिन्य , मंच संचालन , समाज सेवा व राजनैतिक गतिविधयां आदि ! 

पता - सागर कालोनी, गढ रोड – नई मण्डी ,  जिला – हापुड 

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