मेघ तनी तु आवs

तु लउकत काहे नइखs

तोहरा इन्तेजार मे सब केहु बा

प्यास बढ़ गइल बा  धरती के

गर्दन झुरात बा तेनी आव दर्शन करावs

आपन अलहड़पन देखावs

इनर के संनेश जन जन तक पहुचावs

उमड़s आके तेनी शोर मचावs

लइकन के डेरावावs जवनकन के मौसम बनावs

किसान के दिल  मे आस जगावs

कर जोरी निहोरा बाटे तोहसे

मेघ तनी तु आवs

कड़कड़ करत नरतन तेनी तु

सबके मन बहलावs

मेघ तनी तु आवs

 

 

- जलज कुमार अनुपम

आवास      : बेतिया पश्चिमी , चंपारण बिहार -८४५४३८,भारत

शिक्षा             : बी .टेक  (इलेक्ट्रॉनिक्स), एम .यू.ए.सी .ई .ई (ऑस्ट्रेलिया)

पेशा               : निदेशक ,कंसेंट एलिवेटर्स ,नई दिल्ली ,भारत

पुरस्कार      : चन्द्रेशेखर आज़ाद अवार्ड -२०१५ (समाजिक कार्यो हेतु)

प्रकाशित रचनाये : अक्कड़-बक्कड़ (भोजपुरी बाल कविता संग्रह ,२०१७ ),मुखौटा (हिंदी कविता संग्रह २०१७ )

अप्रकाशित रचना : आकांक्षा (हिंदी न्यास ),बोल मेरे मन (कविता संग्रह),शादी भारत में (व्यंग)

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