मुहब्बत :एक अहसास ,कई भाव

( १)
मुहब्बत मेघ है
पानी की बूंद डबडबाती है
और बिन टपके
आसमां को झील बना देती है
वही झील जिसकी परछाई अक्सर
मेरी आँखों में दिख जाती है ।

(२)
मुहब्बत बारिश है
एक – एक बूंद हथेलियों से
टकरा कर गिर जाती है
उन्हें मुट्ठी में बंद करने की ललक में
बदन तर – बतर हो जाता है
पर ,अंजुरी खाली रह जाती है ।

(३)
मुहब्बत लहर है
वही उन्माद ,वही जुनून
उठना – गिरना और बिखरना
फिर भी न बुझती अगन
साहिल मिलन की आस में
दिन -रात संजोती लगन ।

- कविता विकास 

शिक्षा - एम.ए. (अंग्रेजी ,अर्थशास्त्र ),बी. एड.,पी.जी.डी.(पत्रकारिता)

कृतियाँ - काव्य संग्रह (लक्ष्य )प्रकाशित ।काव्य संग्रह (हृदय तारों का स्पंदन )और काव्य संग्रह (खामोश ,ख़ामोशी और हम )में कवितायें प्रकाशित । काव्य संग्रह (अनुभूति ) प्रकाशनाधीन ।दैनिक समाचार पत्र – पत्रिकाओं में लेख और विचार प्रकाशित ।ई -पत्रिकाओं में नियमित लेखन ।इंक़लाब ,दृष्टिपात ,शब्ददूत,उत्कर्ष मेल ,मनमीत ,सम्यक भारत , वुमेन ऑन टॉप , शब्दिता ,हिंदी चेतना ,वटवृक्ष , माटी ,नव्या ,लोकसत्य,आज का अर्जुन ,बिंदिया ,मेट्रो उजाला ,और अन्य पत्रिकाओं में लेख और रचनाएं प्रकाशित ।

सम्प्रति - डी . ए. वी . संस्थान,कोयलानगर,धनबाद 
अन्य उपलब्धियां - कोल इंडिया लिमिटेड ,स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ,सी. बी .आई .,विद्यालयों , रेडियो स्टेशन, कवि सम्मलेन और अनेक संस्थानों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच संचालिका और उद्घोषिका का काम किया
संपर्क - डी. – 15 ,सेक्टर – 9 ,पी ओ – कोयलानगर ,dist – धनबाद,पिन – 826005 ,झारखण्ड

 

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