माँ जानती है सब कुछ

माँ जानती है सबकुछ!

मेरे हँसने -रोने

उदास होने

खिलखिलाने और

मौन के गर्भ में समा जाने का राज़!

 

माँ जानती है सबकुछ!

 

उसे मालूम है

पतझड़ और बसंत का फ़र्क़

वह जानती है

गुलाबी और स्याह रंगों का अंतर

समझती है

मेरे खिलने और मुरझाने का सबब!

 

माँ मुझे ‘कली’ कहती है

ख़ुद को ‘काँटा’

कभी ‘कोहिनूर’ कहती है

और चौकन्नी रहती है

ईमानदार प्रहरी -सी!

 

माँ देखती है मेरी आँखें

बुनती है उसमें कुछ सपने

भरती है संकल्प चिर-परिचित

और धीरे से खोल देती है डोर

ऊहापोह की!

 

माँ मंत्र देती है कानों में

स्वावलंबन और आत्मन्वेषण का

झटक देती है चूड़ियाँ और पाज़ेब

कर देती है मुक्त मेरे हाथ- पैर—-

दृष्टि और विचार भी!

 

माँ देती है उपहार !

 

वह सौंप देती है मुझे

मेरे हिस्से के सपने ,संकल्प

रंग-भाव, बुद्धि- विवेक

कलम-ब्रश, सुर व  ताल

और एक जोड़ा पंख

अनुशासन का!

 

आज, मैं स्वतंत्र हूँ

उड़ान भरने के लिए !

समझ पा रही हूँ

उनके मंत्रों के अर्थ

उपहारों के महत्व !

 

हाँ! माँ ही तो है

जो जानती है सबकुछ!

 

- आरती स्मित

जन्म : 2 अगस्त, कटिहार,बिहार

संप्रति आवास :  गणेशनगर पांडवनगर कॉम्प्लेक्स ,दिल्ली –92

 शिक्षा :स्नातकोत्तर (हिंदी), पीएच डी, ग्राम विकास में डिप्लोमा,  नाटक कलाकार आकाशवाणी – बी उच्च श्रेणी

 मौलिक कृतियाँ:अन्तर्मन एवं ज्योति कलश(कविता संग्रह), बदलते पल(कहानी संग्रह), फूल- सी कोमल वज्र –सी कठोर ( स्त्री विमर्श पर आधारित समालोचनात्मक कृति), तुम से  तुम तक (कविता संग्रह)

संपादित पुस्तक :पगध्वनि (कविता संग्रह), बिखरे पुष्प (कविता संग्रह)

 

पुस्तकों में संकलित रचनाएँ : देश देशांतर , लघुकथाएँ जीवन मूल्यों की, आधी आबादी का आकाश,उजास साथ रखना, डॉ. मधुकर गंगाधर की कहानी यात्रा, स्त्री सृजनात्मकता  का स्त्री पाठ,

बंदे शक्ति स्वरूपा  

 

अनूदित कृतियाँ: स्वामी विवेकानंद : युवाओं की शाश्वत प्रेरणा  (मूल अंग्रेज़ी : सन्दीपन सेन) ;राष्ट्रीय पुस्तक न्यास ,नई दिल्ली ; दंबदेणीय अस्न ; सार्क कल्चर सेंटर, कोलंबो एवं दर्जन भर से अधिक बाल कृतियों का अनुवाद ;प्रथम बुक्स ।

संप्रति कार्य /व्यवसाय:महासचिव ;साहित्यायन ट्रस्टस्वतंत्र लेखन,संपादन, आलोचना, समीक्षा एवं अनुवादकार्य(विभिन्न प्रकाशन केन्द्रों के लिए,विशेष- प्रथम बुक्स, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, सार्क कल्चर सेंटर एवं एमनेस्टी इन्टरनेशनल के लिए)

 

 कात्यायनी प्रोडक्शनके लिए ‘चैतन्य महाप्रभु’ धारावाहिक नाटक लेखन एवं प्रसारण। आकाशवाणी के लिए कई धारावाहिकों एवं नाटकों का लेखन, भूमिका  एवं प्रसारण । आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से कहानी, कविता का निरंतर प्रसारण । तीस से अधिक देश-विदेश की मुद्रित और वेब पत्रिकाओं में कई विधाओं – कहानी,कविता, आलेख/शोधपत्र, यात्रावृतांत, लघुकथा, हाइकु,चोका का निरंतर प्रकाशन।

प्रमुख सम्मान : काशी रत्न , नारायणी साहित्य सम्मान, गेस्ट ऑफ ऑनर (रोटरी क्लब)एक्सीलेंसी अवार्ड (मानव अधिकार संगठन) 

सम्पर्क : गणेशनगर पांडवनगर कॉम्प्लेक्स ,दिल्ली –92

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