“भय” कानून का

 आज बात करते हैं भय की, कानून के भय की। आज अखबार के मुख्य पृष्ठ पर ही यह खबर थी कि एक शख्स ने दूसरे शख्स को केवल गाड़ी ठीक से चलाने की नसीहत दी तो उन्होंने उसे गोली मार दी। उस इंसान की मदद को कोई नहीं आया ।परिणाम , उसकी मौत मौत हो गई। (विनोद मेहरा , 48 वर्ष जी टी करनाल रोड भलस्वा फ्लाईओवर) घर से जब किसी की असामयिक मृत्यु हो जाती है  तो उस परिवार पर क्या बीतती है, यह सब शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है क्योंकि यह ऐसा दर्द है जो उसके परिवार को, उस शख्स से जुड़े हर इंसान को जिंदगी भर झेलना पड़ता है। कई लोग यहां सोचेंगे कि यह खबर तो पुरानी है। तो हफ्ते, 10 दिन में किसी की जिंदगी नहीं बदलती ।जिस घर से एक इंसान की मौत हुई है 10 दिन में उनका कुछ भी नहीं बदलता और जिंदगी की असलियत सामने आने लगती है। और खुदा ना खास्ता यदि वह इंसान पूरे घर का इकलौता ही कमाने वाला हो तो 10 दिन में नजारे दिखाई देने लग जाते हैं। कौन अपना है कौन पराया है, सब की पहचान हो जाती है। खैर यह बात हुई  भावनाओं की। और भी तरह-तरह की खबरें देख कर मन बहुत उद्वेलित ,खिन्न और परेशान हो जाता  है। रोज़ ही अखबार इस तरह की खबरों से भरा पड़ा है। कहीं बलात्कार, कहीं डकैती, छोटी-छोटी बच्चियों की जिंदगी खराब हो रही है, घर के चिराग बुझ रहे हैं कहीं कमाने वाले जिस पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है उसी को मौत के घाट उतारा जा रहा है ,बिना कुछ सोचे- समझे कि इसके बाद इसके परिवार का क्या होगा ?यह सब देखकर दिल बहुत परेशान हो जाता है। मेरे मन में यह सब देख कर बहुत से सवाल खड़े हो जाते हैं। क्यों हमारे भारत में ही ऐसा सब कुछ है कि यह लोग एक जुर्म करने के बाद इतनी जल्दी दूसरा जुर्म करने को तैयार हो जाते हैं ?क्यों उन्हें कानून का डर नहीं है? इतनी जल्दी लोग कानूनों का उल्लंघन क्यों करते हैं? चाहे वह 8 महीने की बच्ची से बलात्कार की घटना ही क्यों न हो ?
नित नई खबरें रोज देखकर ,पढ़कर मन परेशान हो जाता है। मैं यह नहीं कहती कि पुलिस अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही। बल्कि आज ही अखबार में 2 दिन से लापता एक बच्चे को सुरक्षित निकालकर पुलिस ने एक परिवार को क्या दिया है ,उस परिवार को क्या मिला है ,यह शायद सिर्फ महसूस करने की चीज़ है। पुलिस ,प्रशासन अपना काम कर रहे हैं। लेकिन अपराध, जुर्म और जनसंख्या इतना अधिक बढ़ते जा रहे हैं कि हम सब की भी जिम्मेदारी बनती है ,अब कुछ करने के लिए।  समाज को सुरक्षित करने के लिए हमें भी कुछ करना होगा।
  जब तक कानून का डर नहीं होगा, तब तक कानून का पालन नहीं होगा। लोग जुर्म करने से जब तक डरेंगे नहीं, तब तक वह ऐसा करते रहेंगे। परंतु सवाल यह उठता है कि लोग आसानी से कोई भी अपराध इतनी जल्दी क्यों कर लेते हैं? क्योंकि हमारे यहां कानून में लोचशीलता  है, सिस्टम में ढिलाई है, देरी है। इसलिए लोग इतने बेखौफ हैं।
बल्कि दूसरे देश में इतने कड़े नियम बनाए गए हैं और इतनी कड़ाई से नियमों का पालन भी किया और करवाया जाता है कि जबरदस्ती कानून और व्यवस्था बनी रहती है और धीरे-धीरे लोगों को इसकी आदत पड़ जाती है।  हमारे  यहां भारत में कानून का ‘डर’ होना चाहिए या यूं कहें कि कानून का आतंक होना चाहिए तभी अपराधों में कमी हो पाएगी।”भय बिन होइ न प्रीति”।
कानून  को कानून की तरह नहीं मानेंगे तो कुछ नहीं होने वाला। चाहे ट्रैफिक से संबंधित कानूनों से लेकर अपराधिक प्रकार के  कानून ही  क्यों न हों। मैं जानती हूं कि सब लोग इस बारे में बातें करते रहते हैं। परंतु बातें करने से कुछ नहीं होगा ।सरकार को कानून सख्त बनाने होंगे। हम सब की भी कुछ जिम्मेदारी है। सब कुछ सरकार पर ही नहीं थोपना चाहिए और अपनी जिम्मेदारियों से पीछा नहीं छुड़ाना चाहिए। हम सब भी अपने  स्तर पर कानून का दिल से पालन करें। और अपने बच्चों को शुरू से ही अनुशासन का महत्व बताएं (वरना इस उम्र में यदि कोई नसीहत दी जाएगी तो परिणाम घातक सिद्ध हो सकते हैं) ।
इसलिए एक जिम्मेदार नागरिक होते हुए नई पीढ़ी को आरंभ से ही नैतिकता ,अनुशासन, कानून की इज्जत करना सिखाएं ताकि भविष्य में कुछ तो सुधार हो सके, सुधार की उम्मीद तो की जा सके ।
यहां मैं एक बात का जिक्र करना चाहूंगी कि जब किरण बेदी जी ने  इंदिरा गांधी जी की गाड़ी का चालान किया  था क्योंकि वह गाड़ी घर गलत पार्क की हुई थी । उस समय पर इंदिरा गांधी  जी प्रधानमंत्री थी । इस पर  इंदिरा गांधी जी ने  किरण बेदी जी को न केवल  बधाई दी बल्कि उन्हें खाने पर भी बुलाया  क्योंकि उन्होंने अपने कर्तव्य का पालन किया था ,कानून का पालन किया था। इसके बाद एक इंटरव्यू में किरण बेदी जी ने कहा कि  यह मेरी इज्जत नहीं थी,यह कानून को इज्जत दी गई थी। उसके बाद जब राजीव गांधी जी प्रधानमंत्री बने तो भी किरण बेदी जी  ट्रैफिक पुलिस  में ही थी तो राजीव गांधी ने यह कहा कि गाड़ी ठीक से पार्क करना वरना चालान हो जाएगा। तो यह एक कानून के प्रति इज्जत है, जो किरण बेदी जी ने स्वयं ही इस बात को आम जनता को बताया था।
आम लोगों में यह धारणा होनी चाहिए कि हम गलत करेंगे तो हमारा परिणाम भी गलत होगा,हमें सज़ा मिलेगी। यह रिस्पेक्ट होनी चाहिए कानून के प्रति। जब तक डर और इज्जत नहीं होगी तब तक कानून का पालन नहीं होगा ।कानून का  डर और इज्जत हर भारतीय के मन में पैदा होनी चाहिए। तभी कानूनों का पालन सख्ती से होगा, तथा सख्ती से करवाया जा सकेगा ।
स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है “आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का भी जीवन महान नहीं बन सकता”।
अतः अंत मे सिर्फ यही कहना चाहूंगी कि अपने देश के प्रति, अपने कानून के प्रति, मानवीयता के प्रति, नैतिकता के प्रति सजग रहें और उनके लिए अपने मन में इज्जत का भाव रखें तथा अनुशासन के साथ अपना जीवन जीने का प्रयास करें।  इसके साथ ही अपने आने वाली पीढ़ियों को ऐसा करने के लिए प्रेरित करें। हम सभ्य समाज की यही जिम्मेदारी है कि दूसरों को सही दिशा, सही मार्गदर्शन, सही समय पर प्रदान करते हुए स्वयं को भी सही राह पर निर्देशित करें।यह परमावश्यक है तथा यही एकमात्र उपाय है।

- डॉ विदुषी शर्मा

शिक्षा - एम ए  , एम फिल , बी एड , पी एच डी  प्रभाकर
पता -  ऋषि नगर रानी बाग दिल्ली 
वर्तमान स्थिति - दिल्ली स्टेट की जनरल सेक्रेटरी इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन।
एसोसिएट एडिटर
चीफ कोऑर्डिनेटर दिल्ली/एनसीआर
सदस्या, नेशनल एग्जीक्यूटिव बॉडी,मिशन न्यूज़ टीवी.कॉम.
 
संप्रति- स्वतंत्र लेखन
 
 ब्लॉग -
http://educationalvidushi.blogspot.in.
रिसर्च  पब्लिकेशंस – 18
 
* विदेश मंत्रालय भारत सरकार तथा मॉरिशस सरकार द्वारा 18 से 20 अगस्त 2018 मॉरीशस में आयोजित होने वाले ग्यारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन के अवसर पर स्मारिका  “हिंदी विश्व : भारतीय संस्कृति” में शोध आलेख प्रकाशित।
 
* भारत सरकार, गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग की तरह मासिक पत्रिका राजभाषा भारती में आलेख प्रकाशनाधीन।
 
*  विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में  भागीदारी तथा शोधपत्र वाचन जिनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में “गीता जयंती समारोह” में राष्ट्रपति महोदय श्री रामनाथ कोविंद जी के सामने “आमंत्रित  वक्ता” होने का गौरव प्राप्त।
 * दिल्ली के विज्ञान भवन में  हिंदी संस्कृत अकादमी की तरफ से तीन दिवसीय सेमिनार में  हिंदी संस्कृत अकादमी के अध्यक्ष श्री जीतराम भट्ट जी के सामने  शोध पत्र वाचन ।
*Think Unique Infomedia  की तरफ से आयोजित GLOBAL EDUCATION SUMMIT   में आमंत्रित वक्ता के रूप में आमंत्रित।
* विश्व हिंदी साहित्य सम्मेलन मॉरीशस  अगस्त 2018 हेतु शोध पत्र चयनित, प्रकाशनाधीन।
 * IHRO तथा विधि भारती के सौजन्य से राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारतीय संसद में भागीदारी।
* राष्ट्रीय पुरस्कार “शिक्षक भूषण”, शिक्षक विकास परिषद  शिरोधा ,गोवा की तरफ से।
  * “ग्रेट नेशनलिस्ट अवार्ड”  प्रतिमा रक्षा सम्मान  समिति  करनाल, हरियाणा की तरफ से।
 * प्रथम “पुस्तक समीक्षा सम्मान”  हिंदुस्तानी भाषा अकादमी की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में  विश्व पुस्तक मेला 2018 में प्रथम स्थान प्राप्त ।
* NCERT में  आमन्त्रित शोध पत्र वाचन ।
 * “मेरठ  लिटरेरी  फेस्टिवल” में उत्तर प्रदेश के  गवर्नर  श्री  राम नाईक की उपस्थिति में साहित्य सम्मेलन में  साझेदारी।
*  “विश्व हिंदी साहित्य संस्थान ,इलाहाबाद” की  काव्य प्रतियोगिता में देश भर के 250 कवियों में से  प्रथम11 में स्थान प्राप्त ।
* बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में “छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रंथ अकादमी”  के निदेशक एवम  डॉ विनय कुमार पाठक,अध्यक्ष राजभाषा आयोग, एवम अन्य गणमान्य सदस्यों के सम्मुख  शोधपत्र वाचन का सुअवसर जो मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित था ।
*J.N.U,  दिल्ली  में मिथकीय चेतना पर आधारित कवि सम्मेलन में अतिथि वक्ता।
*Amity University एमिटी यूनिवर्सिटी गुरूग्राम  में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में आमंत्रित वक्ता के रूप में आमंत्रित।
* वीर भाषा हिंदी साहित्य पीठ, मुरादाबाद द्वारा साहित्य प्रतिभा सम्मान प्राप्त ।
* “हम सब साथ साथ है तथा नवप्रभात जन सेवा संस्थान” द्वारा आयोजित “छठा सोशल मीडिया  मैत्री  सम्मेलन” में वरिष्ठ साहित्यकार सम्मान प्राप्त।
 * हिंदुस्तानी भाषा अकादमी की तरफ से ‘हिंदुस्तानी भाषा प्रहरी सम्मान समारोह” जिसके मुख्य अतिथि दिल्ली के  उप मुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया थे, की मुख्य संयोजिका के रूप में कार्य ।
 *रशियन  कल्चर सेंटर में  आमन्त्रित कवयित्री के रूप में प्रस्तुति।
* मिशन न्यूज़ टी वी की तरफ से आयोजित सुपर अचीवर अवार्ड कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका के रूप में कार्य।
*राष्ट्रीय महिला काव्य मंच के काव्य महोत्सव में आमंत्रित कवयित्री।
* सनातन धर्म कॉलेज, अम्बाला में संस्कृत वेदांत व उपनिषदों, योग तथा संस्कृत भाषा की उपयोगिता नामक विषयों पर संगोष्ठी में दो बार आमन्त्रित वक्ता के रूप में प्रस्तुतिकरण जिसमे मुख्य अतिथि हरियाणा संस्कृत अकादमी के अध्यक्ष डॉ सोमेश्वर दत्त तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित थे।
* इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र एव हिंदुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में आयोजन समिति की सदस्य ।
*नीति आयोग तथा श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में जिसके मुख्य अतिथि  श्री वैंकेया नायडू(माननीय उपराष्ट्रपति, भारत सरकार),सुश्री किरण बेदी(माननीय राज्यपाल, पुडुचेरी) ,श्री अमिताभ कांत,CEO नीति आयोग के लिए  आमंत्रित वक्ता के रूप में आमन्त्रित।
* Indian Council  of Philosophical Reaserach ICPR   की तऱफ से प्रायोजित चित्तौड़गढ़ में 3 दिवसीय राष्ट्रीय  संगोष्ठी में  अमांत्रित वक्ता के रूप में चयन ।
 * “जनकृति” अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में शोध आलेख प्रकाशित
* “हस्ताक्षर” अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका में सामाजिक आलेख प्रकाशित
* पांडिचेरी विश्वविद्यालय द्वारा संपादित के पत्रिका “परिवर्तन” में आलेख प्रकाशित।
 * चीन की एकमात्र पत्रिका “संचेतना” में रचना प्रकाशनाधीन ।
*”सिंगापुर संगम”  में रचना प्रकाशनाधीन।
* कनाडा की एकमात्र हिंदी पत्रिका “सेतू” में आलेख “मुट्ठी भर ज़िन्दगी” प्रकाशित ।
 * पांडिचेरी विश्वविद्यालय द्वारा संपादित त्रैमासिक पत्रिका “परिवर्तन”में शोध आलेख प्रकाशित।
* केंद्रीय हिंदी निदेशालय एवं  मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुदान से प्रकाशित ‘विधि भारती परिषद’ की त्रैमासिक शोध पत्रिका “विधि भारती” में शोध आलेख प्रकाशित।
*  अध्ययन पब्लिकेशनस  दिल्ली, के द्वारा संपादित पुस्तक समकालीन भारत में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे में  “समकालीन भारत में आधुनिक  संचार के साधनों की प्रसांगिकता” नामक अध्याय प्रकाशनाधीन।
 
 * विस्तार निदेशालय कृषि सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ,नई दिल्ली  की  पुस्तिका “राजभाषा विस्तारिका में  आलेख प्रकाशनाधीन।
* हरियाणा सरकार की मासिक पत्रिका हरियाणा संवाद में आलेख प्रकाशनाधीन
 * एक पुस्तक संपादन का कार्य जारी ।
*  1 e – book प्रकाशित।
* किन्नर विमर्श: साहित्य और समाज नामक पुस्तक में एक अध्याय प्रकाशित।
* ‘समकालीन भारत: आधुनिक संचार के साधनों प्रसांगिकता’  नामक विषय वस्तु पर पुस्तक में अध्याय के रूप में  प्रकाशनाधीन।
* ब्रिटिश सरकार द्वारा MBE मेडल प्राप्त प्रसिद्ध प्रवासी साहित्यकार तेजेंद्र शर्मा द्वारा संपादित पत्रिका “कथा UK” में आलेख प्रकाशनाधीन।
कुल शोध प्रकाशन – 18
 * अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में  पत्र वाचन सहित सहभागिता – 15
 * राष्ट्रीय सम्मेलनों में  पत्रवाचन  सहित सहभागिता – 18
सम्मान  प्राप्त – 17
 
सदस्यता:
 
 * संपादकीय सहयोगी , हिंदुस्तानी भाषा अकादमी,  दिल्ली की त्रैमासिक पत्रिका ‘हिंदुस्तानी भाषा भारती’।
*हिम् उत्तरायणी पत्रिका ,नई दिल्ली के संपादक मंडल की सदस्या ।
*बोहल शोध मंजूषा  शोध पत्रिका के संपादक मंडल की सदस्य।
* साहित्यपीडिया,  हिंदी
  * नवप्रभात जन सेवा संस्थान,
लखनऊ,दिल्ली।
 * एनवायरनमेंट एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, खजुराहो।
 * विधि भारती परिषद् ,दिल्ली।
  * ग्रीन केयर सोसाइटी मेरठ
 * युवा शक्ति मंच झज्जर, हरियाणा
*  WARS ARTIUM. — An International Research Journal of Humanities and social Sciences (Saudi Arabia)
* WAAR. — World Association of Authors and Researchers (Saudi Arabia)
* International Educationist Forum
Powered and Promoted by Pooma Educational Trust, member of  the U.N.global compact ,AUGP(NGO in USA)and UNICEF
* Society for Environmental  Resources and Biotechnology Development, Agra

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