बातचीत बंद : सही निर्णय

 

पाकिस्तान के साथ हमारी बातचीत की पहल हमेशा मेत्रितापूर्ण एवम सहयोगितापूर्ण रही किन्तु जब भी भारत मे राष्ट्रीय त्योंहार /धार्मिक त्योंहारों आते है तो पाकिस्तान की और से ही आतंकी आकर अस्थिरता पैदा करते है |जिसके कारण सार्थक बातचीत के पहलू बिखर जाते है |बाघाबार्डर, चमियालमेले ,गायन , संगीत ,खेल ,फिल्म कलाकार आदि के जरिये तो हमारी पुनीत भावना जाग्रत होती है और हम पाकिस्तान के राजनीतिज्ञों के भारत आने पर सोहार्दपूर्ण रस्म अदाएगी करने लग जाते है|

पाक आतंकियों को पनाह और प्रशिक्षण क्यों दे रहा है ? जब आतंक की फसल पाक बोयेगा तो वहां आतंकियों की भरमार तो होगी ही जब तक आतंक पर पाक का अंकुश नहीं होगा तब तक दोनों देशो के मध्य की जाने वाली वार्ता समस्या और समाधान की सफलता अर्जित नहीं कर सकेगी |

एक दिन एक बुद्धिजीवी को ख्याल आया क्योँकि मच्छरों ने उन्हें उस समय काटा जब वो टी वी पर आतंकवादियों के हमले की ख़बरें जो प्रसारित हो रही थी को देख रहे थे एवं अख़बारों में भारत के आंतरिक मामलों में पाक की दखलंदाजी एवं संघर्ष विराम का उल्ल्घन के कारण भारत का सख्त कदम “पाकिस्तान से बातचीत बंद ” को पढ़ भी रहे थे ,तब उन्होंने सोचा, वाकई अब ये सही निर्णय लिया ।

तो वे लगे कागज उठाकर मच्छरों और आतंकवादियों में समानता की रचना दनादन रपटने लगे । उन्होंने लिखा कि मच्छरों को मारने के इंतजाम होने के बावजूद वो ख़त्म नही हो पा रहे है । वैसे ही आतंकवादी भी है जो देश में धार्मिक एवं राष्ट्रीय त्यौहारों पर घुसपैठ का प्रयत्न करते है । मच्छर कब काट ले ये कोई नहीं जानता ,आतंकवादी तरह -तरह के विस्फोट करने के फार्मूले अपनाते है । इंसान घरों में मच्छरों से, तो बाहर आतंवादियों से त्रस्त रहते है विशेषकर जम्मू -कश्मीर के क्षेत्रों में । मच्छरों को आँसू नहीं आते वैसे ही आतंकवादियों को दहशत फैलाने के बाद वीभत्स दृश्यों से आँसू नहीं आते । विस्फोटो से, छीन जाते है बच्चों से उनके माँ -बाप और माँ -बाप से उनके बच्चे ,और हम गिनने लग जाते मरने और घायल होने वालों की संख्या । क्यों नहीं ख़त्म कर पा रहे हम उनके आतंकीपन को ,शायद हम बुजदिल हो गए है । तभी तो वो निर्दोषो की हर बार जान ले रहे है । और हम दशहत भरी भीड़ में देख रहे रोते हुए तमाशा । शायद कहीं आतंक का प्रदूषण स्वच्छ वायु को छीन तो नहीं रहा केसर की क्यारियों के चमन से ,यही सोचता हूँ ! कहीं ऐसा न हो जाए होसलों का अर्थ ही हम भूल जाए और आतंक हम पर हावी होता जाए । आतंकवादियों और मच्छरों को रोकने का उपाय क्या हमारे पास है ? आतंक का सफाया कब करेंगे ये शायद वक्त से पूछना पड़ेगा । यह सोचता हूँ ।

देश ने सही निर्णय लिया है । आतंक वादियों की हरकतों को वर्षो से झेल रहे है |ये देश की सीमा प्रवेश कर देश मे अस्थिरता फेलाने की कोशिश करते रहते है |देश मे जान माल की हानि ना होने पावे इस हेतु सुरक्षा प्रणाली हर वक्त चोकन्ना रहती है ,आम जनता को भी चाहिए की वो देश के रक्षको की सहायता जहाँ संधिग्ध वस्तु/व्यक्ति दिखे तुरंत इसकी सूचना देवे ताकि आतंवादियों को पकड़ा जा सके |आतंकवादियो के देश की सीमा मे घुसने के कारण देश मे हाय अलर्ट घोषित करना पड़ता है |सुरक्षा की दृष्टि से देश की सीमा पर सुरक्षा के दायरों को और मजबूत करना होगा ताकि आतंकवादी देश मे घुसने ना पाए|अंतरराष्ट्रीय स्तर की बेठको मे आतंक को पनाह देने वाले देशो को काली सूची मे डाल कर, सहयोग देना बंद कर देना चाहिए| अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाक की आतंकवादी गतिविधियों एवं आतंक को पनाह देने के कारण सभी देशों ने मिलकर सख्त कदम “पाकिस्तान से बातचीत बंद ” का फार्मूला अपनाना होगा तभी विश्व शांति एवं मेत्रीयता को धरती पर स्थापित कर सकते है ।

- संजय वर्मा “दृष्टि “

जन्म - 2 मई

शिक्षा - आई टी आई

विधा - पत्र लेखन, व्यंग्य ,समीक्षा ,आलेख, हायकू ,गीत ,कविता ,लघुकथा आदि ।

प्रकाशन - देश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर पत्र प्रकाशित ।

पुरस्कार - स्व . राजेंद्र माथुर स्मृति इंदौर में श्रेष्ठ पत्र प्रतियोगिता में सम्मानित .
पत्र लेखक मंच जावरा में पत्र लेखन में प्रथम पुरस्कार 
जनचेतना लोक विकास समिति मनावर में सांप्रदायिक सद्भभाव व् राष्ट्रीय एकता समारोह में सम्मानित 
राजकमल प्रकाशन समुह चोथी दुनिया नई दिल्ली से लेखन विधा सम्मान 
युवा समुह प्रकाशन वर्धा मेव राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिंदी कविता हैयु प्रथम पुरस्कार 
शब्द प्रवाह उज्जैन अखिल भारतीय साहित्य सम्मान श्रेष्ठतम पत्र लेखन में “शब्द श्री “की मानद उपाधि सम्मानित 
ज्योतिबा फुले नेशनल फेलोशिप अवार्ड नईदिल्ली से सम्मानित 
इंडियन टेलीफिल्म प्रोडक्शन अकादमी,अखिल भारतीय साहित्य संस्कृति अकादमी वर्धा महाराष्ट्र द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जय जगत केशरी रत्न पुरस्कार 
महिमा प्रकाशन दुर्ग मन की आवाज साहित्य सम्मान साहित्य में विशिष्ठ सेवा हेतु 
साहित्य सरोवर सम्मान सिरुगुप्पा बल्लारी (कर्नाटक ) साहित्य कलारत्न सम्मान 
अग्रवाल पुस्तक पुरस्कार आयडियल राष्ट्रीय स्पर्धा वर्धा में काव्य संग्रह बेटी बचाओ (दरवाजे पर दस्तक ) हेतु सम्मानित 
प्रथम प्रकाशन कलियावाडी मोड़ सुजानपुर पठानकोट से काव्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित 
भारत निर्माण अभियान मनावर में सक्रिय योगदान हेतु सम्मानित 
अखिल भारतीय साहित्य सम्मान शब्द सागर में सक्रिय भागीदारी हेतु उज्जैन में सम्मानित 
यशधारा धार से सम्मानित

प्रथम प्रकाशन कलियावाड़ी मोड़ सुजानपुर पठानकोट से काव्य शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित

अखिल भारतीय साहित्य सम्मान शब्द सागर में सक्रिय भागीदारी हेतु उज्जैन में सम्मानित

हिंदी सेवा समिति कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण भारत वर्ष शाखा अध्यक्ष- मनावर जिला -धार म प्र

भारतीय साहित्य संस्था सिरगुप्पा बल्लारी (कर्नाटक ) से साहित्य भूषण सम्मान

इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट (म.प्र ) से “साहित्य प्रतिभा श्री ” सम्मान

अखंड भारत संस्था नई दिल्ली रानी लक्ष्मी बाई जयंती पर सम्मान 
साहित्यायन सम्मान 2014 ग्वालियर 
अनुराधा प्रकाशन एवं सीता फिल्म नई दिल्ली “विशिष्ठ हिंदी सेवी सम्मान” 2015

अन्य - आकाशवाणी से काव्यपाठ ,प्रतिनिधि लघुकथाएँ वार्षिक यादगार संकलन ,यशधारा (धार ), शब्दप्रवाह उज्जैन, प्रयास ३ टोरेन्टो (कनाडा ) ,साहित्य गुंजन इंदौर, विवेक वाणी बडवाहा ,सिटी रिपोर्टर इंदौर ,व्हाईस ऑफ़ इंदौर ,इन्द्रधनुष इंदौर ,माही धारा रायपुरिया ,,सरयू परिवार उज्जैन , आहना मंदसोर ,साहित्य रंजन भोपाल ,राष्ट्र नमन कर्णाटक ,त्र्यम्बकं बिजनोर( यू पी) ,शत रूपा रावतभाटा .गुंजन सप्तक इंदौर, दृष्टिकोण कोटा ,बेटी बचाओ अभियान एम पी गवर्मेंट /नव्या /स्वर्ग विभा / सादर ब्लागास्ते, रचनाकार ,लोहार सन्देश राजगढ़,शब्दांकन ,मधेपुरा,काव्य मंथन ,उद्यंती , आगमन , ककुभ जबलपुर , ज्ञानामृत माउन्ट आबू , गर्भ नाल भोपाल ,पंचवटी नासिक ,पुष्पवाटिका ,सेतु ,गंगोत्री ,अखिल भारतीय काव्य संकलन ,गुंजन सप्तक ,वाह वाह क्या बात है , कविता वीथी ,गुप्तगू ,स्मारिका कर्नाटक ,

नईदुनिया,दैनिक भास्कर ,दबंग दुनिया , पत्रिका ,राज एक्सप्रेस ,राष्ट्रीय नगरीय एवं पंचायत समाचार भोपाल , ,अक्षरवार्ता ,वृत्त मित्र
सम्प्रति - जल संसाधन विभाग में मानचित्रकार के पदपर सेवारत

संपर्क - मनावर जिला-धार (म .प्र .) 

 

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