फर्क पड़ेगा

 

आज स्कूल की पिकनिक में वह समुद्र तट पर आई हुई

थी । उसका मन खेलकूद में नहीं लग रहा था । इतने

में समुद्र की एक तेज लहर आई और हजारों छोटी

मछलियों को रेत पर पटक कर लौट गई । मछलियों को रेत

में तड़फते देखा तो उसका बाल मन करूणा से भर गया । वह

उनके पास गई और अपने नन्हें हाथों से पकड़कर एक-ंउचयएक

मछली को समुद्र के पानी में डालने लगी । वह कुल

चार-ंउचयपांच मछलियों को ही पानी में डाल पाई थी कि पास

ही से गुजर रहे आदमी ने उसे ऐसा करते देख कहा-ंउचय“यहां

तो हजारों मछलियें पड़ी हैं, बेटी ! तुम्हारे ऐसा करने

से क्या फर्क पड़ेगा ?“

“जिन्हें मैं पानी में डाल रही हूं , उनको फर्क

पड़ेगा ।“ अपनी धुन में मशगूल वह उस आदमी की ओर

देखे बिना ही बोली ।

 

 

- मुरलीधर वैष्णव

जन्म तिथि: ०९ फरवरी, जोधपुर

शिक्षा : बी.ए., एलएल.बी.

राज्य सेवा: करीब ३४ साल का राज.न्यायिक वं उच्चतर न्यायिक सेवा अनुभव रजिस्ट्रार प्रशासन राज.उच्चन्यायालय,जोधपुर व सुपर टाइम स्केल 
जिला न्यायाधीष पद से २००६ में सेवा निव्रत। ५ वर्ष के लिए अघ्यक्ष उपभोक्ता संरक्षण मंच जोधपुर पद पर पुर्ननियुक्ति।

साहित्य- स्रजन: कवि-कथाकार

प्रकाशन : ’पीड़ा के स्वर’कथासंग्रह अक्षय-तूणीर लघुकथा संग्रह व ‘हेलौ-बसंत’काव्य-संग्रह
राज.पत्रिका दैनिक भास्कर, हंस, कथादेश, सरिता, मुक्ता, मधुमति आदि अनेक राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में सतत रूप से साहित्यिक एवं सामाजिक सरोकार की सैंकड़ों रचनाएं प्रकाशित।
बाल साहित्य आदि प्रकाषन-दो बाल कथा संग्रह ’पर्यावरण चेतना की बालकथाएं’ ,’चरित्र विकास की बाल कहानियां ’ ,एक बालगीत संग्रह व एक बालकथा संग्रह प्रकाषनाधीन, बाल वाटिका का संरक्षक।

राजस्थानी भाषा में भी कविताएं ’जागती जोत’ में प्रकाशित

अंग्रेजी में विभिन्न कानूनी बिंदुओं पर अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका सीटी.जे. (कन्जूमर एंड ट्रेड प्रेक्टिस लॉ) में अनेक आलेख

प्रदत्त सम्मानः 
१ . राज.पत्रिका सृजनात्मक साहित्यपुरस्कार २००२ 
२ .राज.साहित्यअकादमीकाविषिश्टसाहित्यकारसम्मान २०१३ 
३ . वीरदुर्गादाससाहित्य सम्मान मेहरानगढ ट्रस्ट जोधपुर २००८ 
४ . सर्जनात्मक संतुश्टि संस्थान जोधपुर सर्वश्रेश्ठ लघुकथासम्मान २०१२ 
५ .रेस्पेक्ट इंडिया २००८ सम्मान
६ .उत्सव मंच,अजमेर २०१२ सम्मान
७ .सुमित्रानंदन पंत बाल साहित्य सम्मान २०११

अन्य सामाजिक कार्य : संरक्षक ‘जाग्रति’ आरटीआइ एनजीओ जोधपुर गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को आर्थिक मदद उदयपुर, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, कुशलगढ़, बांसवाड़ा एवं जोधपुर में अब तक करीब ३००० से अधिक वृक्षारोपण एवं उनका पोषण ,निःशुल्क कानूनी सेवा के दर्जनों केम्प्स में विधिक शिक्षा प्रसार
जोधपुर संभाग में उपभोक्ता कानूनी शिक्षा प्रसार एवं जाग्रति हेतु उल्लेखनीय कार्य

सम्प्रति पता आदि: विधिक सलाहकार एवं स्वतंत्रलेखन ’ , रामेष्वरनगर ,बासनी , प्रथम फेस, जोधपुर , जोधपुर (राज.)

One thought on “फर्क पड़ेगा

  1. आदमी जितना व्यावहारिक होता जाता है उसकी सम्वेदनाएं भी कुंठित होती जाती हैं | बच्चों से काफी कुछ सीखा जा सकता है लघुकथाकार को बधाई | सुरेन्द्र वर्मा |

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