पति का जीवन बचाती बीबी

पति की दीर्घायु के लिए भूखी बेठी रहती जो ,
करवा चोथ का व्रत रखकर धन्य होती हे बीबी |
ऐसा बीमा कर सके एकमात्र हस्ती हे जो  ,
बिन पानी भोजन श्रध्दा से व्रत करती हे बीबी |
अब की बार पतिदेव भुखे रहेंगे हे पक्की बात ,
रविवार को हे  चोथ पुरे दिन साथ रहेगी बीबी |
जीवन बीमा वाले भी अलग से देगे कमिशन ,
आजीवन बंदोबस्ती को जुगाड़ करती हे बीबी |
चांदनी रात में एक चाँद दूसरे   चाँद को देखे ,
आफ़ताब से भी जादा जवा  आज लगेगी  बीबी |
कितने ही बदसूरत दीखते हो पतिदेव भैया ,
आज तो देवता  होने का अहसास कराएगी बीबी |
और बिना बीबी के भी कोई जीवन हे भैया ,
घर ,परिवार और आंगन की रौनक हे बीबी |
और करवा चोथ    तो एक परंपरा हे भैया,
पग पग पर पति का  जीवन बचाती हे बीबी |

- राजेश भंडारी “बाबु”

जन्म स्थान : गाव ;हाजी खेडी ,तराना जिला उज्जैन (म.प्र.)
पैत्रक निवास : गाव ; झलारिया जिला ;इंदौर (म.प्र.) 
वर्तमान निवास : महावीर नगर ,इंदौर (म.प्र.)

शिक्षा: एम.काम., एल.एल.बी. ,एम.बी ए.(फाइनेंस)

प्रकाशन :
स्कुल/कालेज के समय से ही लेखन कार्य में रूचि रही| नई दुनिया, देनिक पत्रिका , देनिक भास्कर ,औधिच्च बंधू ,औधिच्य समाज ,अग्निपथ ,देनिक दबंग, प्रिय पाठक,अक्छर वार्ता ,मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति की पत्रिका वीणा ,शब्द प्रवाह वा अन्य पत्र परिकाओ में समय समय पर लेख ,कविता ,व्यंग प्रकाशित | मालवी के प्रचार प्रसार हेतु समय समय पर लेख वा कविताओ का प्रकाशन | इन्टरनेट के वा अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यमों से मालवी के प्रचार प्रसार निरंतर प्रयास रत हे | यू ट्यूब पर करीब ५० वीडियो उपलोड हे |फेसबुक के माध्यम से देश विदेश के मालवी भाषी हजारों लोगो से निरंतर जुड़े हुवे हे और मालवी सस्कृति की विलुप्त होती चीजों को जन जन तक पहुचाने के लिए प्रयासरत हे |नेट ब्लॉग के माध्यम से भी मालवी को देश विदेश के लोगो तक पहुचाने में प्रयास रत हे | आज कही भी कवि गोष्ठी होती हे तो मालवी की हाजरी जरुर लगती हे अखंड संडे ,मालवी जाजम और भी कई संथाओ में नियमित मालवी कविता पाठ करने जरुर जाते हे |

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