नज्में

(१)
उम्र की हंसीं …..

यहाँ …
कोई रात
जायका लिए नहीं आती
बस नमक के साथ
चख ली जाती है …
उम्र की सारी
हंसी …..!!

(२)
दर्द…..

इस बदलते वक़्त में
हर चीज़ बिकती है
जमीं बिकती है ,आबरू बिकती है
हुस्न बिकता है , नाच बिकता है
ज़िस्म बिकता है ,मुस्कान बिकती है
बस दर्द नहीं बिकता ……!!

(३)
हँसी …..

फिर कुछ सवाल
हवा में खड़े हैं
ज़ेवरात में सजी
उस दूसरी औरत की हँसी
जज़्बात के सीने पर
पैर रखे ……
खिलखिला रही है …..!!
(४)

तुम्हारा जाना …..

कुछ दिन …
जहाँ तुम ले गए थे
बड़ा हसीन सा तसव्वुर था
इश्क़ पानियों में तैरता
हवा चुपके से छलका जाती
मय इन आँखों की …..
मन आवारा सा हुआ जाता
मैं हिमालय की चोटि से
टाँग देना चाहती
सारे दर्द आसमां में…
देखना चाहती ….
कैसे मुहब्बत की आग से
पिघलते हैं तारे …..
इक मुद्दत बाद
आज फिर उम्मीदें
स्याह हुईं …..!!

(५ )

बैसाखियाँ…..

क्यों ख़ामोश से
कमजोर ,जर्द हुए खड़े हो …?
मुहब्बत के ताप की तहरीर से
बिदक कर भागना चाहते हो ….?
अच्छा किया जो भागते वक़्त
अपनी बैसाखियाँ फेंक दीं ….
देखना चाहती हूँ
कितनी जल्द तुम
गंतव्य तक
पहुँच जाते हो ……!?!
(६)
दर्द …..

हिमालय की
चोटि पर बैठ ….
प्रेमालाप करने लगे थे
दो शख्स …..
दर्द उधेड़ देने की कोशिश में
और बुनते गए चारों ओर

आज फिर चाँद रोयेगा
किसी मजार पे बैठकर ….

(७)

फफोला…..

सुनो …..
वह जो अंगुली पर
फफोला निकल आया था न ….?
उसे मैंने मसलकर
नमक लगा दिया है ….
अब तुम्हारी यादें
दर्द नहीं देतीं ……!!
(८)
पत्थर हुई बूंद ….

ये कैसे पत्थर हैं
सिसकते हुए ….?
कहीं मिट्टी काँपी है
कोई रात ….
रिश्ता पीठ पर लादे
दहाड़ें मारती है …
बेखबर से लफ्ज़
अँधेरे की ओट में
चाँद तारों की राह
चल पड़े हैं ….
मुझे पता है …
तूने तूफ़ानों को
नहीं बेचीं थी नज़्म
फिर ये ज़ख्म क्यों
बिखरे पड़े हैं …?
जब तुम ….
आखिरी बार मिले थे
तभी ये बूंद पत्थर
बन गई थी …….
आ आज इसकी कब्र पे
मिट्टी डाल दें …….!!

 

- हरकीरत ‘हीर ‘

शिक्षा : एम.ए (हिन्दी), डी.सी.एच

संप्रति : महिला उत्पीड़न गैर सरकारी संस्था का सञ्चालन ( एन. जी. ओ. )
सृजन : हिन्दी तथा पंजाबी काव्य ,आलेख , कहानियों का लेखन व पंजाबी व असमिया से अनुवाद .
प्रकाशन : (१) ‘इक- दर्द ‘ काव्य संग्रह(२००७) , ( २) दर्द की महक (२०१२) (3) दो काव्य संग्रह प्रकाशनार्थ ( एक हिंदी व एक पंजाबी में )
(२) विभिन्न प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पत्र -पत्रिकाओं हंस, वर्तमान साहित्य, नया ज्ञानोदय , पर्वत राग , सरस्वती सुमन ,साहित्य अमृत , समकालीन भारतीय साहित्य , वागार्थ, द फर्स्ट न्यूज ,अभिनव प्रयास , हिंदी चेतना , पुष्प गंधा , साहित्य-सागर ,मनमीत, शुभ- तारिका , पंखुड़ी , अविराम, दैनिक समाचार पत्रों , शब्द (पंजाबी ),प्रतिमान (पंजाबी) आदि में निरंतर प्रकाशन ।

विशेष:

(१) आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से काव्यपाठ

(२) इंटरनेट पर अपनाharkirathaqeer.blogspot .com नामक चर्चित ब्लॉग

(३( पूर्वोत्तर की पहली हिंदी महिला ब्लोगर होने का गौरव
(४) कविता – कोष में नाम शामिल

(५) दिल्ली आकाशवाणी से कविताओं का प्रसारण , शिलोंग रेडियो से कविता पाठ
(६) नेट पर उपलब्ध सभी नेट पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित
(७) कई रचनायें असमिया ,अंग्रेजी , पंजाबी व उडिया में अनुदित
(८) अतिथि संपादन (सरस्वती-सुमन , मनमीत )

(९) ५ काव्य -संग्रहों में रचनायें शामिल

(१०)’ द फर्स्ट न्यूज पत्रिका द्वारा २०११ में किये गए सर्वेक्षण में सर्वश्रेष्ठ हिंदी महिला लेखिकाओं में नाम शुमार
सम्मान : विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं से विशिष्ट सम्मान ……

१) पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांगद्वारा २००८का – ” डा.महाराज कृष्ण जैनस्मृति पुरुस्कार “
२) ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद् ग्वालियर (म.प्र.) द्वारा कस्य शिरोमणि२००९ एवं श्रेष्ठ गजल लेखन के लिए ” दुष्यंत कुमार” सम्मान
३) छत्तीसगढ़ , कवर्धा …पुष्पगंधा प्रकाशन द्वारा – ” महादेवी स्मृतिसम्मान’
४) उत्तर पूर्वांचल बहुभाश साहित्य अनुष्ठानद्वारा – सम्मान पत्र
५) ग्वालियर साहित्य एवं कला परिषद् द्वारा – ” शब्द माधुरी” सम्मानपत्र
६) राष्ट्रिय राजभाष पीठ इलाहबाद द्वारा – ” भारती-भूषण ” सम्मान
७)जैमिनी अकादमी – पानीपत , हरियाणा द्वारा – ” कबीर सम्मान “

८) पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी , शिलोंग द्वारा ‘श्रीमती सरस्वती सिंह’ स्मृति सम्मान (२०१२)
संपर्क : गुवाहाटी- ७८१००५ (असम )

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