दीपावली–दोहावली

 

नर-नारी बच्चों सहित, सबका है अरमान ।
लक्ष्मी इस दीपावली, आयें बन महमान।।

साफ़-सफाई में जुटे, हितकर इसको मान ।
कुछ दिन सीमित क्यों रहे, हो बस इसका भान।।

घर-आँगन सब साफ़ हों, तन-मन हो सहमान।
जात-पात मज़हब तजें, तज दें हम अभिमान।।

सुंदर दीपक घी भरा, सब साजो-सामान।
राम-सिया की भेंट हो, पूजन अरु जलपान।।

माटी दीपक ही जलें, क्या इसमें नुक़सान?
‘उनको’ भी रोटी मिले, हो उनके भगवान।|

चहु दिशि ही यह नाद है, भारत देश महान।
उत्सव हैं हर रंग के, दिन, दिन बढ़ती शान।।

घर-घर पूजें राम को, भीतर से अंजान।
‘पूनम’ इच्छा है यही, लें ख़ुद को पहचान||
 - डॉ.पूनम माटिया

जन्मतिथि -29 जुलाई 
जन्मस्थान- करोल बाग , नई दिल्ली-110005
संपर्क:
निवास स्थान- दिलशाद गार्डन , दिल्ली- 110095

शिक्षा - एम. एस सी. (न्यूट्रीशन), बी. एड. , एम. बी. ए. (मानव संसाधन प्रबंधन), एम. ए हिंदी (अध्ययनरत)

अखिल भारतीय जूनियर रिसर्च फेलोशिप होल्डर (आई सी ए आर , दिल्ली)
रिसर्च एसोसिएट-जन सहयोग एवं बाल विकास राष्ट्रीय संस्थान(1989)

शिक्षण अनुभव –पी. जी टी होम साइंस, माउंट कार्मल , आनंद निकेतन , नई दिल्ली

पाठ्येतर गतिविधियाँ - हॉबी आर्ट ट्रेंड टीचर- पिडिलाईट, सांस्कृतिक सचिव , दिलशाद गार्डन रुस्तगी सभा

सम्प्रति - लेखिका , कवयित्री , मंच संचालिका, समीक्षिका , शिक्षिका, व्यक्तिगत साक्षात्कार कर्ता (आकाशवाणी एवं विडियो), सदस्य-सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति, मंत्री-इन्द्रप्रस्थ साहित्य भारती, संपादिका- ट्रू मीडिया मासिक हिंदी पत्रिका(इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में अंकित)
शिक्षिका होने के साथ-साथ पिछले आठ-नौ वर्षों से लेखन में सक्रिय , स्वतंत्र लेखन –गद्य एवं पद्य (कविता, कहानी छंदबद्ध, छन्दमुक्त(नयी कविता),नाटिकाएं(लेखन , मंचन व् अभिनय), मुक्तक, ग़ज़ल, लेख एवं अंग्रेजी कविता लेखन

प्रकाशित कृतियाँ
एकल काव्य संग्रह- १.स्वप्न श्रृंगार(अबोहर), २.अरमान(बीकानेर) ३.अभी तो सागर शेष है-अमृत प्रकाशन, दिल्ली  

 

संयुक्त काव्य संग्रह –१ .‘स्त्री होकर सवाल करती है’ –बोधि प्रकाशन(जयपुर) , २ .‘अपने अपने सपने’-मांडवी प्रकाशन(उत्तर प्रदेश), ३.‘तुहिन’-हिंदी युग्म(नई दिल्ली) , ४ .‘जहाने-ग़ज़ल’(उर्दू )-एजुकेशनल पब्लिशिंग हाउस(अमरोहा), ५ .कविता अनवरत-1 -अयन प्रकाशन(नई दिल्ली) ,६ .गुलदस्ता-ए-गंग-ओ-जमन-काव्य संग्रह –हिंदी,उर्दू और पंजाबी रचनाओं पर आधारित –प्रकाशक-महफ़िल-ए-गंग-ओ-जमन , नई दिल्ली -२ 
स्त्री विमर्श के बुनियादी सवाल’ में स्त्री विमर्श के सन्दर्भ में पूनम माटिया का विस्तृत साक्षात्कार
प्रज्ञान पुरुष’ में  पंडित सुरेश नीरव के व्यक्तित्व, कृतित्व पर आलेख एवं साक्षात्कार
“परों में आसमान” डॉ प्रवीण शुक्ल पर आधारित संदर्भ ग्रन्थ में प्रवीण शुक्ल का साक्षात्कार
 शब्द –साधिका परिचयांक , विशिष्ट संपादिका , ट्रू मीडिया (अगस्त २०१६)
‘वोमेन अचीवर्स(अंग्रेज़ी) में अन्य उन्नीस महिलाओं के साथ डॉ. पूनम माटिया (मानद उपाधि) के व्यक्तित्व-कृतित्व के बारें में विवरण  

देश-विदेश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं एवं लेख प्रकाशित (कादम्बनी पत्रिका में कविता, साहित्य अमृत, संस्कारम्  में ग़ज़लें, कविताएं)

दूरदर्शन, आकाशवाणी(राजधानी चैनेल व् राष्ट्रीय चैनेल, उर्दू मजलिस) ,इंडिया न्यूज़ , सहारा , जनता टीवी  , साधना , चैनेल वन न्यूज़ ,ई टीवी उर्दू , ए टू ज़ेड चैनेल, ज़ी सलाम, रफ़्तार टीवी , यू ट्यूब पर ट्रू मीडिया और जे के के न्यूज़ के लिए कई साक्षात्कार इत्यादि तथा विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों(कवि-सम्मलेन तथा मुशायरों) और गोष्ठियों  से काव्य पाठ, और विभिन्न आयोजनों में निर्णायक के तौर पर आमंत्रित|

सम्मान - विद्यावाचस्पति सम्मान-२०१६(मानद डॉक्टोरेट), सोशल अचीवर अवार्ड-ग्रीन अर्थ फ़ौंडेशन, निष्ठा सामजिक संस्था सम्मान, (२०१६)अखिल भारतीय रुस्तगी महासभा में व्यक्ति विशेष सम्मान (लेखक)-२०१६ , प्राइड ऑफ़ द कंट्री अवार्ड-२०१६,  दूसरास्थान , फ़ैशन वॉक- (माँ –बेटी प्रतियोगिता) बेटी बचाओ –बेटी पढ़ाओ , दिल्ली फ़रवरी २०१६) , विशेष सम्मान ,दिलशाद गार्डन रुस्तगी सभा (२०१६), मिसेज़ इंडिया होम मेकर 2016)में सर्वाधिक प्रेरणादायी एवं सर्वाधिक बुद्धिमती का शीर्षक प्राप्त ,सशक्त नारी परिषद् द्वारा नारी सम्मा+न (२०१६)

शान-ए-हिन्दुस्तान-२०१५ , हिंदुस्तान गौरव अवार्ड, असम के मुख्य मंत्री एवं स्पीकर ,विधान सभा द्वारा सम्मानित-२०१५ , भारतीय महिला गौरव अवार्ड२०१५  , समता अवार्ड-२०१५, , भारत गौरव अवार्ड-२०१३  , , सर्वभाषा संस्कृति सम्मान-२०१३ , राजीव गाँधी एक्सेलेंस अवार्ड(२०१२) इत्यादि अनेक सम्मान एवं अवार्ड|मॉरिशस एवं भारत की द्विपक्षीय संस्था द्वारा आयोजित विश्व हिंदी प्रतियोगिता में भारतीय भूखंड में प्रथम स्थान=२०१३ |

3 thoughts on “दीपावली–दोहावली

  1. दीपावली महापर्व के शुभ अवसर पर….सभी बिन्दुओ को छूते हुए शानदार , साकारात्मक सोच एवं समाज को सन्देश देते हुए दोहे……बहुत-२ बधाई…

  2. सम्मानीय,
    डा.पूनम भाटियाजी,
    सादर अभिवादन.
    आपकी कविता -दीपावली- पढ़ा. सुन्दर भावाभिव्यक्ति के लिए साधुवाद.
    आपकी ये पंक्तियां -”घर पूजें राम को, भीतर से अंजान “- मन को छू गईं. यह साच है हमारे केवल और केवल मुंह में ही राम बसता है लेकिन हृदय में रावण. यही कारण है कि आदमी देवात्व प्राप्त नहीं कर पाता.
    पुनः साधुवाद.

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