डॉ.सुनील जाधव के “कैची और बंदूक” एकांकी को मिला मॉरिशियस का अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार

विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरिशियस द्वारा हिंदी साहित्य की एकांकी इस विधा में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता  ली गई थी | यशवत महाविद्यालय, नांदेड के विगत अठारह वर्षों से हिंदी विभाग में कार्यरत हिंदी साहित्यकार प्रो.डॉ.सुनील गुलाबसिंग जाधव के सैना के जीवन पर आधारित एकांकी “कैची और बंदूक” को २०१७ के तृतीय अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया | विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरिशियस द्वारा प्राप्त इमेल में सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र एवं विशेष राशि प्रदान की जाने की सूचना प्रदान की गई | इस प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न प्रान्तों के साहित्यकारों ने अपनी एकांकी प्रतियोगिता हेतु भेजी थी | जिसमें प्रथम दिल्ली, द्वितीय बिहार और तृतीय पुरस्कार महाराष्ट्र के रूप में डॉ.जाधव को मिला | इससे पूर्व २०१३ का उन्हें विश्व हिंदी सचिवालय द्वारा  “मैं वर्ण और वर्णनातीत” कविता को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ था | डॉ.जाधव देश और विदेश में कई हिंदी सम्मेलनों में सहभाग एवं सम्मान प्राप्त कर चुके हैं | आप ने कविता, कहानी, एकांकी ,अनुवाद, समीक्षा, शोध आदि विधाओं में लेखन कार्य किया हैं | आप के अधिकतर पुस्तके विदेशों में प्राकशित हुई हैं | मार्च में आप के कैची और बंदूक एकांकी का नांदेड आकाशवाणी से प्रसारण भी हो चूका हैं |
मॉरिशियस एवं भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में स्थापित  विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरिशियस में प्रति वर्ष १० जनवरी विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में वैश्विक पटल पर हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ, हिंदी साहित्यकारों को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से;  हिंदी साहित्य की कविता,लघु कहानी, कहानी, नाटक, एकांकी, निबंध आदि विभिन्न विधाओं में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता ली जाती हैं | विजता के लिए सम्मान स्वरूप प्रमाणपत्र और विशेष पुरस्कार राशि दी जाती हैं | इस प्रतियोगिता में भारत, श्रीलंका, नेपाल, कैनडा, अमरीका, अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैण्ड, पोलैंड,  मॉरिशियस, यू.ए.ई, मलेशिया,  इंडोनेशिया,  गुयाना, फिजी, नार्वे आदि कई देशों से प्रतिभागी सहभाग लेते हैं |
डॉ.सुनील जाधव के इस सफलता के लिए संस्था के अध्यक्ष विधायक अमिता चव्हाण, विधायक सचिव डी.पी.सावंत, संचालक नरेंद्र चव्हाण, कोषाध्यक्ष गंगाधरराव शक्करवार, प्राचार्य ए.एन जाधव, प्राचार्य आर.एम. जाधव, प्राचार्य पंडित चव्हाण, कैलाश राठोड, प्रफुल्ल राठोड, बी.डी.चव्हाण, प्रो.रमा नवले, प्रा.विजयसिंह ठाकुर, प्रा.शंकर विभुते, प्रा.जगदीश कदम, प्रा.शोभा ढानकीकर, वर्षा मोरे, डॉ.संगीता घुग्गे, प्रा विशाल बेल्लुरे आदि ने बधाईयाँ दी |
– अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो

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