जर्मनी में भारतीय विद्यार्थियों ने सिखाया संस्कृति का पाठ

चित्र: दायें से बायें – विधि सारस्वत ( लाला लाजपतराय कॉलेज, महालक्ष्मी की छात्रा), भारतीय कॉउंसिल-जनरल रवीश कुमार, कार्यक्रम संयोजक मैनफ्रेड नॉल तथा अन्य छात्र

फ़्रैंकफ़र्ट, जर्मनी। ‘गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो मिलाय।।’ एक भारतीय छात्रा विधि सारस्वत ने गुरु का महत्त्व जब जर्मनी के एक स्कूल में विद्यार्थियों को बताया तो पूरी क्लास ने एक नया पाठ सीखा और वहाँ उपस्थित शिक्षक भावुक हो गए। इन दिनों 11 विद्यार्थियों का एक दल जर्मनी में वहाँ के छात्रों को भारतीय संस्कृति और दर्शन से परिचय करवा रहा है।
रोटरी क्लब, बॉम्बे मिड-टाउन प्रत्येक वर्ष शहर के कुछ छात्रों को कड़ी प्रक्रिया के चुनाव के बाद ‘इंडो-जर्मन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत जर्मनी भेजता है।

इस वर्ष ११ छात्रों को चुना गया है। जिसमें लाला लाजपतराय कॉलेज की ‘मिस लाला’ चुनी गयी विधि सारस्वत को सांस्कृतिक कार्यक्रम का इंचार्ज चुना गया है। इस दल में ९ लड़कियाँ और २ लड़के हैं। इन विद्यार्थियो के नाम हैं- विधि सारस्वत, अनमोल नवलकर, पेरिनाज़ मिस्त्री, कृष्णा वोरा, रिया खन्ना, मनस्विन तोरपानी, सलमा पचमरिवाला( लाला लाजपतराय कॉलेज), राहुल उत्तमचंदानी, अदिति मर्चंट (एच आर कॉलेज), तनीषा लेखराज, देशना छेड़ा (जयहिंद कॉलेज) ७ विद्यार्थी लाला लाजपतराय कॉलेज, २ एच आर कॉलेज और २ जयहिंद कॉलेज के हैं। ये ११ छात्र २२ दिनों के लिए जर्मनी गए हैं। जहाँ ये फ़्रैंकफ़र्ट शहर के करीब निदा कस्बे में ११ परिवारों के घर पर रहकर जर्मन संस्कृति और रहन-सहन का करीब से अवलोकन कर रहे हैं। हर छात्र को १० -१० दिन की अवधि के लिए २ परिवारोँ में रहना है। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत अक्टूबर महीने में यही जर्मन छात्र भारत में इनके घर रहने आएंगे।
दो दिन पहले ही इन छात्रों को गिसेन यूनिवर्सिटी का दौरा कराया गया था। जहाँ पर भारतीय छात्रों ने जर्मन छात्रों को भारतीय विद्या-पद्धति और योग के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दिन छात्रों को इंडस्ट्रियल विज़िट कराया जा रहा है। अब तक उन्हें शहर की जल- बिजली-गैस आपूर्ति केंद्र, मर्सडीज़ कार फैक्टरी, विंटेज कार संग्रहालय, बेकरी, आवेग तकनीक सेंटर, प्राचीन जर्मनी-अर्नबर्ग एबे, लिच टाउन, वॉर मेमोरियल, सोलर पॉवर प्लांट, बायो गैस प्लांट, प्रिंटिंग प्रेस, एम्यूजमेंट पार्क, ट्रेकिंग पर ले जाया गया। यहाँ कई अवसरों पर हंजेन,निदा शहर के मेयर भी उपस्थित थे।

चित्र: भारतीय छात्रो द्वारा प्रस्तुत नृत्य का आनंद लेते हुए भारतीय कॉउंसिल-जनरल रवीश कुमार तथा हुँजेन शहर के मेयर राइनेर वेंगॉरश

एक दिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें जर्मन दर्शकों के सामने भारतीय छात्रों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में तिरंगा लहरा कर राष्ट्रगान के समय सभी भावविभोर हो गए। इस अवसर पर फ़्रैंकफ़र्ट, हंजेन शहर के मेयर राइनेर वेंगॉरश जर्मन रोटरी क्लब के संयोजक मि. मैनफ्रेड नॉल के साथ भारतीय राजदूत रवीश सिन्हा भी उपस्थित थे। सभी ने छात्रों का जोश बढ़ाया और सुनहरे भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यहाँ भारतीय बच्चे एक दिन जर्मन परिवारों को अपने हाथ से भारतीय भोजन बनाकर खिलाने वाले हैं। यह केवल दो देशों का ही परिचय नहीं है बल्कि दो भारतीय और जर्मन परिवारोँ का भी नया संबंध जुड़ने जैसा है। ये सभी विद्यार्थी एक दूसरे को अपना भाई-बहन कहते हैं और उनके माता-पिता को मॉम-डैड। सभी 22 परिवार एक दूसरे से जुड़ गए हैं। दो देश एक परिवार में बदल गए हैं।

इस कार्यक्रम के संयोजक मनोज जालान ने बताया कि हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी को विश्व पटल पर नई संभावनाएं प्रदान करना है।
२९ मई को छात्रों का यह दल अनोखे अनुभवों के साथ मुंबई लौट आया।

 

 

अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो 

 

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