खेद

 

मैंने भावनाओं को
हृदय के रक्त में डुबोकर
तुम्हेँ प्यार किया -
तुम्हारे द्वारा दिये
वियोग, व्यथा तथा दाह के
क्षणों को
सम्पूर्ण निष्ठा के साथ जिया -
खेद मुझे इसका नहीं है
कि मेरी साधना निष्फल गई,
बल्कि इसका
कि तुम,
इस समर्पण के
सर्वथा अयोग्य थे …!

 

- डॉ सुषमा सेनगुप्ता

१८ मई , उत्तर प्रदेश के संडीला नामक क़स्बे के अस्थाना कायस्थ परिवार में जन्म! शिक्षा- एम.बी. बी .एस. कार्यक्षेत्र-भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर काम। १९९५ में दिल्ली में दृष्टिकोण नामक स्वयं सेवी संस्था की स्थापना। सन: २००० से परिवार सहित मुम्बई में निवास।

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