खव्वाब-ए-मुलाकात

मीठी धुनों का साजो सरगम ,
गहरे जख्मों की मलहम ।
मुस्कुराहट लहरा गई ,

क्या थी बात वही ।।

बात वही थी ,
जो तेरे मेरे दरमया हुई थी ।
थोडा तुम मुस्कुराये थे ,
थोडी मैँ मुस्कुराई थी ।।

जाहिर है वह खव्वाब था ,
नींदों में भी इश्क पूरे सब्बाब मेँ था ।
खव्वाब मेँ गुजरा हर लम्हा ,
क्या लाजवाब था ।।

खव्वाबों की तलातुम में ,
तुम ठहर गये थे ।
ऐ इश्क ए चांद ,
उस इजहार की रात ।।

बहती हवाओं मेँ ,
तुझसे नगमों की शुरूआत हो गई ।
खव्वाब ए खुशबू क्या कम है ,
मुलाकात हो गई ।।

खव्वाबों मेँ हकीकत का साथ ,
मानों ठहर गये लम्हें ।
हां यादे रह जाएंगी ,
मुलाकात के बाद ।।

खव्वाबों मेँ मुलाकात ,
हकीकत से लाजवाब होती है ।
नीदों मेँ सब कह देते हैँ ,
शरमाने की सुबह शुरूआत होती है ।।

 

- शालिनी ‘शालू’

जन्मस्थान- अलवर जिला (राज्य – राजस्थान)भारत

शिक्षा- एमए (हिन्दी साहित्य) बी़एड

प्रकाशित कृतियां -

. ईडिया टूडे पत्रिका ,नोहर तहसील(rajasthan) (लुप्त होता sanskrati का सौन्दर्य ) निबन्ध,
(कुदरत का प्रतिशोध) निबन्ध व अन्य रचनाएं । 2013

पुष्पवाटिका पत्रिका (U.p.)(लोकपाल बिल)

अखण्ड भारत पत्रिका .दिल्ली(स्वप्न से यर्थाथ तक . . )हर नारी भारत का अभिमान है .., जुलाई2014

साहित्यरागिनी वेब पत्रिका .सांचोर (परिचर्चा :- साहित्य मे अश्लीलता का घालमेल कितना सही? कितना गलत) 2014 जुलाई अंक

साहित्य रागिनी वेब पत्रिका,सांचोर (ईमानदारी की दस्तक) २०१४

वास्तविक आजादी की ओर पाक्षिक पत्रिका ,नोहर तहसील राजस्थान२०१५ (मां का ममत्व ,गौ की पुकार ,वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई )
प्राप्त सम्मान -

* *वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई गौरव सम्मान  २०१४ * * दिल्ली

पता- नोहर तहसील ,जिला हनुमानगढ़(राजस्थान)

 

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