संपादकीय

अम्स्टेल-गंगा के आत्मीय पाठक समुदाय को सादर नमन। वर्ष २०१९ प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में अर्ध कुम्भ के साल के नाम पर जाना जायेगा। इस वर्ष ४ जनवरी से ५ मार्च के अंतराल में २५० मिलियन से अधिक लोगों ने संगम स्नान किया। यह एक विश्व कीर्तिमान है। भारतीय होने के नाते यह गौरव करने की बात है। इस अवसर पर विदेशो में रह रहे भारतीयों को कुम्भ उत्सव में जाना चाहिए और विदेशीय  में लोगों को कुंभ में पर्यटक के रूप में जाने के लिए प्रेरित करना चाहिए था।

हिंदी भाषा की सुंदरता को नमन करते हुए हमने देखते ही देखते लगभग 7 साल का साथ निभा लिया। समय चलायमान है और शाश्वत है।  ब्रह्मांड के शून्य से शून्य तक, समय ही रहेगा। हम ब्रह्मांड से अपने ग्रह पृथ्वी पर ध्यान केंद्रित करें तो पाएंगे कि यही एक ग्रह है जहाँ जीवन है। समय के साथ अंगिनत योनि आई और विलुप्त हो गई. सभी योनियों में सबसे श्रेष्ठ मनुष्य योनि और इस योनि मे जन्म पाना एक सौभाग्य है। मनुष्य श्रेष्ठ है क्योंकि उसमे सोचने की शक्ति है। उसमें पृथ्वी ग्रह को सुंदर और श्रेष्ठ बनाने की शक्ति है। यह सोचने शक्ति हमें अच्छे कार्य की प्रेरणा देती है और कभी कभी कुछ मनुष्य बुरे के लिए भी प्रेरित हो जाते हैं। पिछले दिनों जो घटना न्यूज़ीलैंड और श्रीलन्का में हुई, वह हमें सोचने पर विवश करती है कि ईश्वर की सबसे सुन्दर रचना मनुष्य, और मनुष्य ही मनुष्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। घर्म के नाम पर ये मार-काट कब तक? इसका कोई अंत नहीं है। पृथ्वी पर जीवन पहले आया, उसके करोड़ों वर्ष बाद मनुष्य आये और तत्पष्चात कुछ मनुष्यों ने धर्म और जातियाँ बनाई। मनुष्य की सोचने की शक्ति और क्षमता ने एक कारण बना दिया जिससे आज रक्तपात आम हो गया है। पर क्या हम पुनः अपनी सोचने की क्षमता का सदुपयोग करके इस समस्या का कुछ स्थाई समाधान नहीं निकाल सकते हैं ? विश्व के सभी धर्म गुरुओं को साथ में आना होगा और समाधान के साथ चिंतन करना होगा।

अब हम अगर पृथ्वी ग्रह से अपने देश पर ध्यान केंद्रित करें तो पाएंगे कि भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां अनेकता में एकता है। हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, पारसी, बुद्ध और भी कई धर्म एक साथ शांति से रहते हैं। कुछ विवाद और अपवाद अवश्य हैं। जो भी हो देश की जनता को निरंतर देश के विकास और सम्मान के बारे में सोचना चाहिए।  भारत विश्व का सबसे बड़ा गणतंत्र है। भारत देश में अभी चुनाव के पर्व का माह चल रहा है। अम्स्टेल-गंगा परिवार अपने सभी पाठकों से मतदान करने और आस पड़ोस के लोगों को मतदान का महत्व समझने की विनती करता है। देश की प्रगति और स्थिरता के लिए  जिम्मेदार नागरिकों के साथ, मजबूत सरकार की आवश्यकता है। मजबूत सरकार के लिए चुनाव के समय मतदान करना ही इकलौता उपाय है।

हम आशा करते हैं कि अम्स्टेल-गंगा का यह अंक आपको पसंद आएगा और आपका और हमारा साथ निरंतर बना रहेगा।

- अमित कुमार सिंह एवं डॉ पुष्पिता अवस्थी

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