संपादकीय

२०१७ की समाप्ति के साथ २०१८ ने दस्तक दे दी है। अम्स्टेल गंगा परिवार आशा करता है की वर्ष २०१७ आपके और अप्पके परिवार के लिए उत्तम रहा होगा। हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि वर्ष २०१८ भी आपको और आपके परिवार को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रखे।

असल में ये नया वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में नव वर्ष की तिथि अलग अलग है। बैसाखी, बिहू, विशु, उगाड़ी, गुड़ीपड़वा, जैसे त्यौहार हमारे यहाँ नए वर्ष के प्रतिक हैं। ये सभी त्यौहार अंग्रेजी कैलेंडर के मध्य जनवरी से मार्च/अप्रैल महीनों के बीच में पड़ते हैं। गुजरात में तो नव वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर के अक्टूबर/नवंबर महीने में बेस्तु वरस के नाम से मनाया जाता है, । लगभग सभी भारतीयों का अपना अलग नया वर्ष होते हुए भी सब अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार १ जनवरी को नववर्ष के रूप में धूम धाम से मनाते है।

नव वर्ष आते ही हम अपने आप से कोई न कोई वादा अवश्य करते हैं। जैसे बुरी आदतें छोड़ना, अच्छी आदतें शुरू करना। फिर कुछ दिन बीतते ही हम सब भूल कर वही पुरानी आदतों से घिरा व्यक्ति बन जाते हैं। यहाँ आवश्यकता है ढृण निश्चय की और ठोस इरादों की। एक लक्ष्य और अर्जुन जैसी आँख। आँखों का साथ देते दिल, चित्त, रूह और शारीरिक शक्ति। दुनिया में अनेकों प्रेरणादायक कहानियाँ हैं।  उनसे प्रेरणा ना मिले तो कुछ ऐसा करने की थान लीजिये कि आप किसी के लिए प्रेरणा स्रोत बन जाएँ। विषमताएँ आएँगी, लक्ष्य ओझल होगा, रूह काँपेगी किन्तु वीर वही है जो निरन्तर प्रयासरत है। कोशिश करते रहने वालों की हार नहीं होती। या यूँ कहें कि जब तक आपकी कोशिश जारी है तब तक आपकी हार नहीं हुई है।

अम्स्टेल गंगा परिवार आपसे एक प्रार्थना करता है। आप अपने और अपनों को और बेहतर बनाने के साथ साथ वर्ष २०१८ में किसी अजनबी के जीवन में एक सुधार, या एक मदद की कोशिश अवश्य करिएगा। हमारा राष्ट्र सही मायने में उन्नत तभी होगा जब राष्ट्र के सभी नागरिक सुखी हों और खुश हों। आपकी एक कोशिश किसी के जीवन में खुशियाँ ला सकती है। जरूरी नहीं है कि, आपसे पैसे से ही मदद करें।  आप अपना कीमती समय दे कर भी किसी के जीवन को सुधार सकते हैं। याद रखिये हम जो देंगे उससे अधिक हमारे पास लौट कर आएगा। अब फैसला हमें करना है, हम ख़ुशी दें या गम।

हम फिर कहना चाहेंगे की कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। अम्स्टेल गंगा परिवार हिंदी साहित्य को आपके समीप लाने की अपनी कोशिश निरन्तर जारी रखेगा। इस उम्मीद के साथ की २०१८ का पहला अंक आप सभी के चेहरे पर मुस्कान और ख़ुशी का संचार करेगा, हम आपको इस अंक के साथ तन्हा छोड़ते हैं।

हर बार की तरह आपसे अनुरोध है कि, हमें अपनी प्रतिक्रिया से अवगत अवश्य करायें।

धन्यवाद।
- अमित कुमार सिंह , अखिलेश कुमार एवं डॉ पुष्पिता अवस्थी

Recent Posts