मुंबई की कवयित्रियों ने की अकोला में मोर्णा नदी की सफ़ाई

अपने लेखन से समाज में चेतना जगाना ही पर्याप्त नहीं होता, उसे जीवन में भी उतारना चाहिए। इसी की मिसाल पेश करते हुए मुंबई की कवयित्रियों ने अकोला जिले में जाकर मोर्णा नदी के स्वच्छता अभियान में श्रमदान किया। प्रशासन की लापरवाही और स्थानीय निवासियों की उपेक्षा के चलते अकोला जिले की पहचान मानी जाने वाली मोर्णा नदी एक नाले के रूप में कचरे का ढेर बन चुकी थी। अकोला के कलेक्टर एवं जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे ने आगे बढ़कर इस पर संज्ञान लिया। मर चुकी मोर्णा नदी की सफाई करने और उसको नया जीवन देने की मुहिम वे में जुट गए। उनके इस प्रयास को अकोला वासियों ने हाथों-हाथ लिया। मोर्णा स्वच्छता अभियान के १२वें चरण में  बीते शनिवार एवं रविवार को विभिन्न संस्थाओं सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। गीतानगर परिसर में मोर्णा नदी के किनारे जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे के नेतृत्व में व उनके कंधे-से-कंधा मिलाकर चलने वाले उप-विभागीय अधिकारी संजय खड़से, नगरसेविका ऊषाताई विर्के, डॉ कृष्णमुरारी शर्मा व श्रीमती नीता संजय खड़से के साथ मुंबई की ‘अभ्युदय फाउंडेशन’ संस्था के सलाहकार जगदीश पांडे के मार्गदर्शन में पदाधिकारी कवयित्रियों- सुमीता प्रवीण केशवा, सुमन सारस्वत, प्रमिला शर्मा, अलका अग्रवाल सिगतिया एवं साधना तिवारी ने दो दिन चिलचिलाती धूप में मोर्णा नदी की सफाई मुहिम में अपने हाथों से पानी में जमी जलकुंभी को हटाया, तसले भर-भर कर कचरा उठाया। दूर मुंबई की लेखिकाओं को अपने बीच पाकर लोगों के मन में उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई। साथ ही यह खबर भी शहर में जंगल की आग की तरह पहुंच गई। घंटे भर में गाड़ियों में भर-भर कर सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और सफाई मुहिम अपने चरम पर पहुंच गई। शायद यह पहली बार है कि जब लेखिकाओं ने लेखन के साथ-साथ अपने लिखे को जमीन पर उतार कर एक नई मिसाल कायम की। जिलाधिकारी आस्तिक कुमार पांडे का स्वप्न है कि मोर्णा नदी का सौंदर्यीकरण साबरमती रिवरफ्रंट की तरह किया जाए। श्री पांडे की इस शानदार पहल को देखते हुए उनका नाम ‘लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर’ के लिए नामांकित किया गया है।
बाएं से दाएं:  मोर्णा सफ़ाई अभियान में – डॉ प्रमिला शर्मा, सुमन सारस्वत, सुमीता केशवा, जिलाधिकारी आस्तिक पांडे, असि. कलेक्टर संजय खड़से, डॉ कृष्णमुरारी शर्मा, साधना तिवारी, अलका अग्रवाल सिगतिया एवं नगरसेविका ऊषाताई विर्के
- अभ्युदय फाउंडेशन

One thought on “मुंबई की कवयित्रियों ने की अकोला में मोर्णा नदी की सफ़ाई

  1. खबर छापने के लिए धन्यवाद अमित जी !

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