पत्र

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पत्र , पत्रिका और पाठकों के बीच संवाद का माध्यम हैं।

आपके पत्र हमारा मनोबल बढ़ाते है। हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं।

आपके अपने खट्टे मीठे पत्रों की इस दुनिया में आपका स्वागत है…
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अमित जी
अंक भेजने  के लिए धन्यवाद व आपके सफ़लता के लिए बधाई  कि देश से दूर आपने  पत्रिका के २५ अंक प्रकाशित कर लिए हैं।

पत्रिका की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए

शुभकामनाओं सहित
नीलम कुलश्रेष्ठ
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एम्सटेल गंगा  परिवार को शुभकामनाएं ।
हालैन्ड से प्रकाशित हिन्दी पुस्तक का अंक भारत के लिए गर्व का विषय है ।
हमने विकास की गंगा नामक काफी टेबल बुक लिखी है । इसमें गंगा के अवतरण और गंगोत्री से गंगासागर तक की यात्रा के गीत एवं कविताऐ   है जिनका प्रचार अमेरिका के शिकागो  कैलिफोर्निया रेडियो एवं अनेक भारतीय समाज  के मंदिर में कर रहे हैं ।
इस पुस्तक से गंगा एन्थम गाकर अपनी गंगा मैया के स्वच्छता  सन्देश देते हैं ।
हालैन्ड आकर एम्सटेल के तट पर अपनी गंगा की  बात कहने के लिए गर्व का विषय होगा ।
आशा है आप हमको अवसर प्रदान करेगें ।
धन्यवाद
हार्दिक शुभकामनाएं
रितु प्रिया खरे
मुंबई
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आदरणीय,
आपकी पत्रिका के अवलोकन का अवसर मिला।
इस उपयोगी एवं स्तरीय पत्रिका हेतु आपको एवं पुरी टीम को बधाई।
आलेख आदि किस ईमेल पर भेजा जाना है कृपया अवगत करायेंगे।
डॉ मृणालिका ओझा
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