पत्रिका के अनुभाग

पत्रिका के अनुभाग: अप्रैल – जून २०१८ (अंक २२ , वर्ष ७)

अम्स्टेल गंगा के इस फुलवारी में आपका स्वागत है।
रंग बिरंगे फूलों की इस बगीया में विचरण करे और हमें अपनी प्रतिक्रियाओं से अवगत करायें।

सम्पादक मंडल
अम्स्टेल गंगा

पत्रिका के अनुभाग: विषय सूची 

 

हिंदी साहित्य:::

काव्य साहित्य:

ग़ज़ल::

ग़ज़ल – डॉ नरेष कुमार ‘‘सागर’’

               कविता:

गिद्ध – रमेशराज

फिर बसंत बहार छाई - अनुपमा श्रीवास्तव’ ‘अनुश्री’

चाहत – अमित सिंह

जेठ-दुपहरी – अवनीश सिंह चौहान

अफवाह -  एक भ्रम – डॉ संगीता गांधी

ईश्वर कभी सोता नही -  प्रभांशु कुमार

सबका साथ – मनीष कुमार

पेड़ लगाया करो – रमा कांत राय  “विमल विहारी”

लेख::

नील का इतिहास – कादम्बरी मेहरा

महाभारत की विशेष लोकनाट्य शैली  : पंडवानी – डॉ कल्पना गवली

दही की दमक – डा. सुरेन्द्र वर्मा

व्यंग्य::

मैं और महाकवि के श्वसुर – दिलीप कुमार सिंह

होरी  फिर झांसे  में – अशोक गौतम

बच्चों का कोना::

जादुई प्रयोग – आइवर यूशियल

बाबा की छड़ी – सुधा भार्गव

लघुकथा::

एक गिलास पानी – चंद्रेश कुमार छतलानी

तलाश – विश्वम्भर पाण्डेय ’व्यग्र’

स्तब्ध – सत्या शर्मा ” कीर्ति “

सजा – प्राण शर्मा

आखरी खत – संजय वर्मा “दृष्टी “

कहानी::

डेफनबेकिया – विष्णुप्रसाद चतुर्वेदी

रेत का महल – सविता मिश्रा ’अक्षजा’

एक थी माया – विजय कुमार

 

भोजपुरी हिंदी साहित्य:::

पुराने पन्नों से – मनोज भावुक की भोजपुरी अभिनेता कुणाल सिंह से बातचीत

  

अम्स्टेल गंगा समाचार :::

पुष्पिता अवस्थी को कोलकाता में ममता बनर्जी ने सम्मानित किया – अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो

भारतीय हिंदी बोलने में पिछड़ापन महसूस करते हैं – प्रो. पुष्पिता अवस्थी – अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो

 

साहित्यिक समाचार :::

मुंबई की कवयित्रियों ने की अकोला में मोर्णा नदी की सफ़ाई – अभ्युदय फाउंडेशन

रामनारायण रमण कृत नवगीत संग्रह ‘नदी कहना जानती है’ का भव्य लोकार्पण – अवनीश सिंह चौहान

“पचरंगो मालवो “ द्वारा मालवी दिवस मनाया गया – राजेश भंडारी “बाबू “

साहित्यकार राजकुमार जैन राजन का नेपाल में हुआ सम्मान – चित्रा प्रकाशन

“पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की 42वीं काव्य गोष्ठी – अवधेश सिंह

डॉ.सुनील जाधव के “कैची और बंदूक” एकांकी को मिला मॉरिशियस का अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार – अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो

 

साक्षात्कार:::

साक्षात्कार: डोगरी साहित्यकार यशपाल निर्मल के साथ बंदना ठाकुर की बातचीत

 

प्रस्तावित पुस्तकें::: 

पुष्पिता की कविताएं – डॉ पुष्पिता अवस्थी

विकास की गंगा – ऋतुप्रिया खरे

कला दीर्घा::: 

माइकल जैक्सन – रूपाली केसरवानी

एक खूबसूरत शहर – कृशानु रॉय

डच चीज़ – अरुण वीराकुमार

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