पत्रिका के अनुभाग

पत्रिका के अनुभाग: जुलाई – सितम्बर २०१८ (अंक २३ , वर्ष ७)

अम्स्टेल गंगा के इस फुलवारी में आपका स्वागत है।
रंग बिरंगे फूलों की इस बगीया में विचरण करे और हमें अपनी प्रतिक्रियाओं से अवगत करायें।

सम्पादक मंडल
अम्स्टेल गंगा

पत्रिका के अनुभाग: विषय सूची 

 

हिंदी साहित्य:::

काव्य साहित्य:

दोहे::

दोहा: दई न करियो भोर – नरपत वैतालिक

               कविता:

केदार आपदा -  नीरज नैथानी

कर कृपा भोले -  नीरज त्यागी

पिता के अनेकों रूप – डॉ लता अग्रवाल

नन्हीं बुनकर – शशिबाला

जीवन - रोहित ठाकुर

गरीबी – डॉ धनंजय कुमार मिश्र

लेख::

शिक्षक पनडुब्बी की तरह है और छात्र नवागत रडार – डॉ. संगम वर्मा

व्यंग्य::

भैंस, तुम कितनी खूबसूरत हो! – प्रेम जनमेजय

और पब्लिक हँसी – संजीव निगम

बच्चों का कोना::

अदभुत संसार : कुछ रोचक जानकारियाँ – आइवर यूशियल

चंट चूहा और सीधा-सादा साँप – आइवर यूशियल

लघुकथा::

घर के भगवान – कान्ता रॉय

अभिशाप – डॉ ज्ञान प्रकाश

कुर्सी – अनघा जोगलेकर

डीएनए टेस्ट – मृणाल आशुतोष

दशा – चंद्रेश कुमार छतलानी

कहानी::

लिव-इन रिलेशन – अर्पणा शर्मा

साहेब का रूमाल -  डॉ आशा चैधरी

रिहाई – मुरलीधर वैष्णव

पिछले  पहर  का  चाँद  – कादम्बरी मेहरा

सलाखों में बंद – डॉ0 मु0 हनीफ़

 

भोजपुरी हिंदी साहित्य:::

सबका हिया में धड़कत, जिनिगी के दुआ तूहीं – मनोज सिंह ‘भावुक’

  

अम्स्टेल गंगा समाचार :::

पुष्पिता अवस्थी कृत ‘छिन्नमूल’ हिंदी उपन्यास को मिला कुसुमांजलि २०१८ का सम्मान – अम्स्टेल गंगा समाचार ब्यूरो

 

साहित्यिक समाचार :::

राष्ट्रीय मंजिल ग्रुप साहित्य मंच धार उत्कर्ष साहित्य सम्मान : संजय वर्मा ‘दॄष्टि ‘ को – संजय वर्मा

पेड़ों की छांव तले रचना पाठ” की ४६वीं साहित्य गोष्ठी सम्पन्न हुई – अवधेश सिंह

 

पुस्तक समीक्षा:::

डॉ पुष्पिता अवस्थी  के उपन्यास ‘छिन्नमूल’ की एक समीक्षा – कामेश्वर पांडेय 

 

यात्रावृत्त:::

उत्तर भारत का प्राचीनतम पर्यटन स्थल डलहौज़ी – डॉ मधु संधु

 

संस्मरण:::

मरे नही चले गए ‘नीरज’ – अकरम हुसैन

 

प्रस्तावित पुस्तकें::: 

शब्दों में रहती है वो  – डॉ पुष्पिता अवस्थी

चिन्ता नहीं चिन्तन – मनोज सिंह

 

कला दीर्घा::: 

पीले फूल – ऋतु श्रीवास्तव सिन्हा

जल प्रपात – कृशानु रॉय

ब्रेक डांस – रूपाली केसरवानी

सपनों का शहर – अरुण वीराकुमार

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