उलझन

 

जीवन की तमाम उलझनों को
हम सुलझाना चाहते हैं
पर उलझ जाते हैं हम
अपनी गरीबी में।
जब भी हम उठने की चाहत रखे
हमें दबा दिया गया,
साम, दाम, दण्ड और भेद से।
जब भी हम बोलना चाहे,
ख़ामोश कर दी गई हमारी आवाजें।
जब भी हम खड़े हुए,
अपने हक़ और अधिकार के लिए
लोगों ने हमें नक्सली करार दे दिया।
सब भूल गए हमारी,
निष्ठा,वीरता,धीरता,स्वतंत्रता में भागीदारिता।
छीन लिए सबने हमारे
जल,जंगल और जमीन।
बड़ी पेशमपेश की जिंदगी
जी रहे हैं हम लोग।
आखिर कहाँ जाएँ और किससे कहें,
अपनी दर्द भरी दास्ताँ।
किसे सुनाएँ जाकर हम,
अपनी पीड़ा भरी फ़रियाद।
जब सब तरफ से मचा है,
लूट-घसोट का कोहराम।
कहीं पर हत्या कहीं पर बलात्कार,
साथ में भ्रष्टाचार का चमत्कार।
अरे ! इधर गिरूँ तो कूंआ है,
उधर गिरूँ तो खाईं है।

- रवि कुमार गोंड़  

शैक्षणिक योग्यता: एम.ए., एम. फिल, नेट (हिंदी) लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ

सम्प्रति : पी.एच.-डी. शोधरत, हिंदी विभाग, केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश, भारत 

स्थायी पता : जिला- अम्बेडकर नगर, उ.प्र. पिन कोड- 224147

लघु शोध ग्रन्थ : “श्री महेंद्र प्रताप सिंह की साहित्य-साधना” (एम.फिल.) उपाधि 

प्रकाशित कृति : महेंद्र प्रताप सिंह की साहित्य-साधना, उद्योग नगर प्रकाशन, गाजियाबाद, 2012,

प्रकाशनाधीन कृति : सात

संपादन  :

  • कविवर जमालुद्दीन सफ़र का काव्य सफ़र, वान्ग्य्मय बुक्स अलीगढ़, संस्करण-    2012, isbn- 978-81-923548-9-7
  • वर्तमान समय में आदिवासी समाज, वान्ग्य्मय बुक्स अलीगढ़, संस्करण- 2012, isbn- 978-81-923548-8-0
  • कहरवा लोक गीत (झिनकान धुरिया), सरिता लोक सेवा संस्थान, सुलतानपुर उ.प्र., संस्करण- 2013, isbn- 0978-93-82180-02-9
  • समकालीन विमर्श : युवा सोच और संवेदना, उत्कर्ष प्रकाशन, मेरठ, संस्करण- 2013, isbn- 978-81-921666-8-0
  • समकालीन विमर्श : मुद्दे और बहस, अनंग प्रकाशन दिल्ली, संस्करण- 2014, isbn- 978-93-80845-25-8

सम्मान :

  • साहित्य शिरोमणि – विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर, 2012
  • डॉ.कृष्ण चन्द्र पाठक ‘कृष्ण’ स्मृति सम्मान – पल्लव काव्य मंच, रामपुर उ.प्र. 2013
  • कवि शिरोमणि – सरिता लोक सेवा संस्थान, सुलतानपुर उ.प्र. 2013  

 साहित्यिक उपलब्धियां :

सदस्य/परामर्श :

  • डॉ. जगदीश गुप्त गीतांजलि फाउन्डेशन लखनऊ 
  • वाग्प्रवाह अर्द्ध वार्षिक शोध पत्रिका लखनऊ का आजीवन सदस्य एवं मीडिया प्रभारी 
  • युद्धरत आम आदमी त्रय मासिक पत्रिका दिल्ली का पत्रिका प्रतिनिधि 
  • निरुप्रह त्रय मासिक पत्रिका लखनऊ का सह संपादक 
  • 12 राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय/ वर्कशॉप में सहभागिता 
  • कश्फ़, शिखर, मानस संगम, आवर्तन, मीडिया विमर्श, पर्यावरण डाईजेस्ट, वीथिका, अधिकार, वाग्प्रवाह, विश्व विधायक, स्वतंत्र भारत, स्वर्ग विभा, संभाव्य, क्षितिज, वेव मीडिया और हिंदी का वैश्विक परिदृश्य (पुस्तक), सुधियों के पल (काव्य संग्रह), अनुसन्धान (काव्य संग्रह) आदि पत्र-पत्रिकाओं में कविता एवं आलेख प्रकाशित 

 

 

 

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